इटारसी। मेहरागांव ग्राम पंचायत का वैशाली नगर आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। कॉलोनी में पक्की सड़क नहीं होने से लोगों को इस बारिश में कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। आलम ये कि इस इलाके में एंबुलेंस(Ambulances) तक नहीं पहुंच पाती। जिसके चलते मरीजों को चार पाई के सहारे एंबुलेंस तक पहुंचाया जाता है।
जरा सी बारिश कीचड़
थोड़ी देर की बारिश में ही कच्ची सड़क(Kacchi Sadak) कीचड़ में तब्दील हो जाती है। रोजमर्रा की चीजों के लिए भी रहवासियों को कीचड़ों के बीच से निकल रहे हैं। इस रास्ते पर कई बार बाइक से फिसलते हैं। ऐसे में बड़े हादसों का अंदेशा बना रहता है। बारिश में कच्ची सड़क पर घास-फूस भी पनपने लगती है। इतना ही नहीं कॉलोनी में पक्की नाली नहीं होने के कारण आए दिन लोगों में विवाद की स्थिति बनी रहती है।
बेखबर प्रशासन, मूक दर्शक प्रतिनिधि
मुश्किलों में जीवन यापन कर रहे लोगों की सुनने वाला भी कोई नहीं है। रहवासियों का कहना है कि पंचायत ने सिर्फ एक सड़क बनाई है जबकि लोगों के सामने कच्ची सड़क ही बनी हुई है। वहीं मामले को लेकर जिम्मेदार आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं। वैशाली नगर में करीब 35 से 40 परिवार रहते हैं। यहां के रहवासी कई बार जनप्रतिनिधि और पंचायत से सड़क.नाली निर्माण को लेकर गुहार लगा चुके हैंए लेकिन आज तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली।
इनका कहना है…

पंचायत ने सिर्फ एक सड़क बनवाई हैए लेकिन कॉलोनियों में पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता ही है। बारिश के दिनों में घरों के सामने दलदल जैसी स्थिती बन जाती है। जिसके कारण घरों से निकलना दुश्वार हो गया है।
योगश कुमार मेहरा, रहवासी

नौकरी पेशा लोगों के लिए कच्ची सड़क सिरदर्द बनी हुई है। घरों से निकलते ही कीचड़ से बचना पड़ता है। बुजुर्ग और महिलाओं को कीचड़ के बीच से संभलकर निकलना पड़ा है। चलने में थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर पैर फिसल का डर बना रहता है।
शिवनारायण चौरे , रहवासी
रोड़ निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो गया हैए लेकिन रेत नहीं मिलने के कारण निर्माण का काम अटका पड़ा है। जैसे ही रेत पर रोक हटेगी निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा।
अखिलेश चौधरी, सचिव, मेहरागांव ग्राम पंचायत










