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रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर रखे शव की आंखें कुतर गए चूहे

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इटारसी। बैंगलुरु (Bengaluru) से आगरा उत्तरप्रदेश (Agra, Uttar Pradesh) की यात्रा कर रहे एक युवक की मौत होने पर यहां शव उतारकर रात भर रखा तो उसकी आंखें चूहे कुतर गये। यात्री के परिजनों ने युवक का शव आगरा ले गये और वहां पहुंचकर जीआरपी (JRP) इटारसी (Itarsi) पर लापरवाही की शिकायत की है। यात्री की मौत की सूचना मिलने पर जीआरपी ने यहां शव उतारकर रातभर जीआरपी थाने के सामने एक चबूतरे पर रखा था। मामले में जीआरपी थाना प्रभारी बीएस चौहान (GRP Police Incharge BS Chauhan) का कहना है कि रात के वक्त आये शव को मरचुरी में नहीं रख पाते हैं, पहले भी ऐसे ही शव रखे गये। लेकिन, इस तरह की घटनाएं नहीं हुई हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार की रात बैंगलुरु की एक कंपनी में कार्यरत युवक जितेन्द्र सिंह कर्नाटका एक्सप्रेस से अपने घर आगरा जा रहा था। यात्रा के दौरान तबीयत बिगडऩे पर युवक की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद जीआरपी इटारसी ने उसके शव को यहां उतारकर रात भर लाश को खुले चबूतरे पर रख दिया। खुले में शव रखे होने से चूहों ने युवक की दोनों आंखें कुतर डाली। पीएम के बाद परिजन शव को आगरा ले गए और वहां जाकर लाश रखने में जीआरपी की लापरवाही की शिकायत परिजनों ने आगरा में की है। जांच अधिकारी महेंद्र मिश्रा (Officer Mahendra Mishra) के अनुसार गुरुवार रात बेंगुलरू से नई दिल्ली जा रही कर्नाटका एक्सप्रेस (Karnataka Express) के एस-9 कोच की बर्थ नम्बर 17 पर जितेंद्र सिंह पिता भीकम सिंह, 33 वर्ष, निवासी नागला ताज थाना बरहान आगरा अचेत अवस्था में मिला था। ट्रेन रात 9:30 बजे प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर आई थी। रेल डॉक्टर्स ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित किया।

रेल पुलिस ने लाश को जीआरपी थाने के बाहर चबूतरे पर रखकर मोबाइल से मिले नंबर पर परिजनों से संपर्क किया। शुक्रवार को परिजनों के आने के बाद लाश पीएम के बाद बाद परिजनों को सौंपी गई। परिजनों ने देखा कि उनके बेटे की दोनों को आंखें खराब हो चुकी हैं, जबकि ट्रेन से उतारने के बाद कि फ़ोटो में दोनों आंखें सही सलामत दिख रही हैं। बताया जाता है कि मृतक बेंगलुरु में एक कंपनी में जॉब (Job) करता था। वह अपने घर जा रहा था, लेकिन रास्ते मे उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई। जीआरपी टीआई बीएस चौहान (GRP TI BS Chauhan) के अनुसार देर रात उतरने वाली लाशों को मर्चुरी रूम (Mercury room) में रखने नहीं दिया जाता। परिसर में भी रेलवे की और से कोई इंतजाम नहीं किया है। इस वजह से हमेशा लाश बाहर ही रखते हैं, यह पहली बार हुआ कि चूहों ने आंखें खराब कर दी हैं। आगरा जाने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बाद जीआरपी की लापरवाही को लेकर शिकायत की है। जांच के बाद लाश की सुरक्षा में हुई लापरवाही से पुलिस मुश्किल में पड़ सकती है।

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