उत्कृष्ठ विद्यालय केसला में कोरोना जागरुकता प्रदर्शनी का आयोजन
इटारसी। अब जब कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) के आने के लिये दो अंकों की संख्या में ही दिन शेष रह गये हैं, तब क्लाईमेक्स पर सतर्कता में कमी, कहानी को बदल सकती है। वर्तमान में मास्क (Mask) का उचित उपयोग ही वैक्सीन का काम कर रहा है। मास्क का उचित उपयोग और हाथों की स्वच्छता कोरोना को हरा सकती है। यह बात जनजाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त चंद्रकांता सिंह (Assistant Commissioner Chandrakanta Singh) ने उत्कृष्ट विद्यालय केसला में आयोजित कोरोना जागरूकता प्रदर्र्शनी में मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में उपस्थित बच्चे विभिन्न आदिवासी ग्रामों में जागरूकता दूत का कार्य करेंगे।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सरियाम (Manoj Sariyam) के निर्देशन में होशंगाबाद जिले में वर्किंग मॉडल की मदद से प्रदर्शन कर मास्क एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग (Physical distancing) का महत्व बताने इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान शिक्षक राजेष पाराशर ने बताया कि इस प्रदर्शनी में मास्क से संक्रमण को रोकने, वाल्व वाले मास्क की कमी, हाथ को साबुन से साफ करने का वैज्ञानिक महत्व जैसे तथ्यों को रोचक तरीके से बच्चों को प्रदर्षित किया जा रहा है। एक्सीलेंस स्कूल के प्राचार्य एसके सक्सेना (Principal of Excellence School SK Saxena) ने बताया कि फिजिकल डिस्टेंसिंग को पालन करने के लिये अति आवश्यक होने पर ही सार्वजनिक स्थानों, बाजार आदि जायें। इस समय मास्क को ठीक प्रकार से लगायें।
श्री पाराशर ने बताया कि वैक्सीन के आम आदमी तक पहुंचने में अब कम समय ही रह गया है। ऐसे में मास्क को न लगाना जीवन को खतरे में डालने का कदम है। मास्क को लगाकर शीतकाल के अन्य संक्रामक रोगों से भी बचा जा सकता है। हाथों की उचित सफाई और भीड़ से बचाव करके रोग के फैलाव को रोका जा सकता है। जीवन अनमोल है इसे सिर्फ कुछ रूपये के मास्क से भी संक्रामक बीमारी से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में फीडबैक के आधार पर बच्चों को श्रीमती चंद्रकांता सिहं ने पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में हरीष चौधरी, कैलाश पटैल ने सहयोग किया।









