इटारसी। होली के त्योहार पर पेड़ों की कटाई और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए नर्मदापुरम के ग्राम सुपरली के एक जागरूक नागरिक योगेंद्रपाल सिंह सोलंकी ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने विभिन्न प्रकार के अनाजों का उपयोग करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर तैयार की है।
कला के जरिए पर्यावरण का संदेश
श्री सोलंकी पिछले 25 वर्षों से जैविक होली और पर्यावरण संरक्षण का अभियान चला रहे हैं। उन्होंने अपनी इस नवीनतम कलाकृति के माध्यम से समाज को एक गहरा संदेश देने की कोशिश की है। उनके अनुसार, यह तस्वीर केवल एक कला नहीं, बल्कि स्वयं प्रधानमंत्री और पर्यावरण मंत्री की ओर से देशवासियों को एक अपील है कि पेड़ों को मत काटो, जैविक होली की ओर चलो। होली पर वृक्षों का महा-विनाश एक गंभीर पहेली।
योगेंद्रपाल सिंह सोलंकी ने आंकड़ों के जरिए एक डरावनी तस्वीर पेश की है। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 6 लाख गांव और 0,000 शहर हैं, एक औसत होलिका दहन में लगभग 5 क्विंटल लकड़ी जलकर राख हो जाती है, एक पेड़ को 5 क्विंटल लकड़ी देने लायक बड़ा होने में 8 से 10 साल का समय लगता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि हम इसी तरह लाखों पेड़ों को त्योहार के नाम पर भेंट चढ़ाते रहे, तो भविष्य में पर्यावरण का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा।
अनाज और वृक्ष: जीवन का आधार
अनाजों से ही यह कलाकृति बनाने के पीछे का कारण बताते हुए सोलंकी कहते हैं कि वृक्षों से अनाज का अस्तित्व है और अनाजों से ही मानव जीवन का। इसलिए, हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सोलंकी का यह प्रयास सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वे लोगों से अपील कर रहे हैं कि इस बार होली पर लकड़ी के बजाय कंडों (गोबर के उपले) या अन्य विकल्पों का उपयोग करें ताकि आने वाली पीढ़ी को एक हरा-भरा पर्यावरण मिल सके।









