इटारसी। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय में 14 से 20 सितंबर 2025 तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत, आज हिंदी दिवस के अवसर पर एक परिचर्चा का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत के संरक्षण में हुआ।
परिचर्चा की शुरुआत प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. सतीश ठाकरे के संबोधन से हुई। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हिंदी तकनीकी रूप से बहुत समृद्ध हो चुकी है। सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी का वर्चस्व लगातार बढ़ रहा है।
मुख्य वक्ता डॉ. सीमा चौहान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी केवल सम्मान का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे लिए आत्म-सम्मान, गौरव और भारतीयता की पहचान है। उन्होंने छात्रों से हिंदी को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया।

अपने अध्यक्षीय भाषण में, प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने कहा कि हिंदी भाषा हमारे जैसे विविधताओं से भरे देश को एक सूत्र में बांधने का काम करती है। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, सभ्यता और परंपरा की पहचान है और अब यह एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में उभर रही है।
इस परिचर्चा में महाविद्यालय की छात्राओं स्नेहा, साक्षी और शालू ने भी हिंदी के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. मंजू मालवीय, डॉ. सौरभ तिवारी, डॉ. राधा आशीष पांडे, डॉ. प्रवीण कुमार कुशवाहा, डॉ. धीरज गुप्ता, डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज, डॉ. महेंद्र सिंह चौधरी, डॉ. आयुष सदाराम और श्रीमती संध्या उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।









