इटारसी। शहर के व्यस्त मीनाक्षी चौक पर अतिक्रमण हटाने के दौरान नगर पालिका कर्मचारी के साथ अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी फल विक्रेता के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
नगर पालिका परिषद इटारसी में वर्ष 2003 से कार्यरत चपरासी सिद्धार्थ गायकवाड़ 49 वर्ष की ड्यूटी 5 जनवरी को बाजार क्षेत्र में सड़क से अवैध ठेले और अतिक्रमण हटाने के लिए लगाई गई थी। सुबह करीब 11 बजे जब वे मीनाक्षी चौक पर पहुंचे, तो वहां सोनू बरैया नामक व्यक्ति सड़क पर फल का ठेला लगाए खड़ा था।
मना करने पर गाली-गलौज और धमकी
आवेदन के अनुसार, जब सिद्धार्थ गायकवाड़ ने सड़क पर हो रही भीड़ का हवाला देते हुए सोनू को ठेला हटाने के लिए कहा, तो वह भड़क गया। आरोपी ने न केवल ठेला हटाने से मना किया, बल्कि कर्मचारी को सरेराह गंदी-गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के सामने आरोपी ने कर्मचारी के शासकीय कार्य में बाधा डाली और धमकी देते हुए कहा कि अगर मेरा ठेला हटाया, तो तुझे जान से खत्म कर दूंगा।
पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया केस
घटना के बाद पीडि़त कर्मचारी ने नगर पालिका अधिकारी को लिखित सूचना दी, जिसके बाद 8 जनवरी को थाने में औपचारिक आवेदन पेश किया गया। इटारसी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सोनू बरैया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
नगर पालिका कर्मचारियों का कहना है कि शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए वे अपनी ड्यूटी करते हैं, लेकिन बार-बार असामाजिक तत्वों और अतिक्रमणकारियों के विरोध और धमकियों का सामना करना पड़ता है। इस एफआईआर से ऐसे तत्वों को सख्त संदेश जाएगा।






