इटारसी। शहर की न्यास कॉलोनी के पास स्थित ओझा बस्ती में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक जघन्य हत्याकांड से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामूली विवाद ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया कि हमलावरों ने एक युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
ट्राली हटाने पर शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक जयदीप उर्फ बंटा भाट, निवासी भाट मोहल्ला अपनी मुंहबोली बहन के घर आया था। उसकी बहन अपना मकान खाली कर कहीं और शिफ्ट हो रही थी। रात करीब डेढ़ बजे जब मकान का सामान एक ट्राली में लोड किया जा रहा था, तभी आरोपी मनोज राजपूत ने वहां पहुंचकर ट्राली हटाने की बात पर विवाद शुरू कर दिया। शुरुआती धक्का-मुक्की और मारपीट के बाद विवाद इतना बढ़ा कि मनोज और उसके साथियों ने जयदीप को रेलवे लाइन के पास स्थित एक मंदिर के पास ले जाकर चाकुओं से छलनी कर दिया।

हमले की क्रूरता, जेब में रखे नोट तक फट गए
हमला इतना बर्बर था कि जयदीप के शरीर पर अनगिनत घाव गहरे थे। परिजनों का दावा है कि आरोपियों ने करीब 100 बार चाकू घोंपे हैं, हालांकि पुलिस का कहना है कि वास्तविक संख्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतक की जेब में रखे नोट भी चाकुओं के वार से फट गए।
पुलिस कार्रवाई और परिजनों की मांग

घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मनोज ठाकुर सहित तीन अन्य को हिरासत में ले लिया है। मृतक के भाई अमन भाट और मां बिट्टी भाट का कहना है कि हत्या में एक दर्जन के करीब लोग शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले भी घर आकर जान से मारने की धमकी देते थे। परिजनों ने मांग की है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी मनोज एक शातिर बदमाश है, जो हाल ही में जेल से छूटकर आया था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में तनाव को देखते हुए एहतियात बरती जा रही है।
इनका कहना है…
प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर चार-पांच संदेहियों को रात में ही हिरासत में ले लिया गया था। मुख्य रूप से मनोज द्वारा वार करने की बात सामने आई है। पुलिस अन्य नामों की भी जांच कर रही है।
गौरव सिंह बुंदेला, टीआई








