इटारसी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय चिकित्सालय में एक सफाईकर्मी पर पोस्टमार्टम कराने के एवज में मृतक के परिजनों से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. आरके चौधरी ने आरोपी कर्मचारी को कारण बताओ सूचना पत्र (शो कॉज नोटिस) जारी कर मामले में उसका पक्ष मांगा है और जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
- शिकायतकर्ता : ग्राम पाडूखेड़ी निवासी अमित रावत ने अस्पताल अधीक्षक को लिखित शिकायत दी।
- मृतक : शिकायतकर्ता के कर्मचारी नरेंद्र की हार्वेस्टर पर काम करते समय अचानक मृत्यु हो गई थी।
- घटना का दिन : पुलिस द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मृतक का शव 25 अक्टूबर को सुबह 9 बजे पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सालय लाया गया था।
- आरोपी कर्मचारी : चिकित्सालय में पदस्थ सफाईकर्मी भजनलाल ने पोस्टमार्टम कराने के लिए मृतक के स्वजनों से 7,000 की रिश्वत मांगी।
- भुगतान : कथित तौर पर, स्वजनों द्वारा 2,000 रुपए की राशि देने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।
गंभीर धमकी और नियमों का उल्लंघन
- अतिरिक्त मांग : आरोप है कि राशि लेने के बाद भजनलाल ने स्वजनों से शव को उनके निजी वाहन से ले जाने को कहा।
- धमकी : जब परिवार ने इससे इनकार किया, तो सफाईकर्मी ने उन्हें पीएम रिपोर्ट में गड़बड़ी करने की धमकी दी।
- अधीक्षक का एक्शन : शिकायत के आधार पर अधीक्षक डॉ. आरके चौधरी ने मामले को गंभीर मानते हुए सफाईकर्मी भजनलाल को नोटिस जारी किया है।
- नोटिस की विषय वस्तु : नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है और इससे चिकित्सालय की छबि धूमिल हुई है।
चिकित्सालय प्रबंधन का रुख
अधीक्षक डॉ. आरके चौधरी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने जांच के लिए नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा, कर्मचारी के बयान और स्पष्टीकरण के बाद आगे की विस्तृत जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सालय प्रबंधन ने कर्मचारी को दो दिवस के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा है, अन्यथा उनके विरुद्ध वरिष्ठ कार्यालय को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।









