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करंट से कर्मचारी की मौत पर गुस्साये ग्रामीण, गुर्रा सब स्टेशन के सामने धरना

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इटारसी। रामपुर थानाक्षेत्र के ग्राम पानबर्री में बिजली पोल पर काम कर रहे प्राइवेट कर्मचारी राम प्रसाद की बिजली करंट लगने से मौत हो गई थी। आज भाजपा नेता आशुतोष शरण तिवारी पीडि़त परिवार एवं ग्रामीणों के साथ बिजली सब स्टेशन गुर्रा पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली कार्यालय का घेराव भी किया। ग्रामीणों और पीडि़त परिवार की मांग थी कि राम प्रसाद के मौत के मामले के दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी पर कार्यवाही की जाये। निजी कर्मचारी की मौत पर भड़के ग्रामीण बिजली विभाग की कथित घोर लापरवाही के कारण एक और निजी कर्मचारी को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

इटारसी-रामपुर थानाक्षेत्र के ग्राम पानबर्री में बिजली के पोल पर काम कर रहे निजी कर्मचारी राम प्रसाद की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद आज क्षेत्र में आक्रोश भड़क उठा। पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर, आज भाजपा नेता आशुतोष शरण तिवारी की अगुवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक का परिवार बिजली सब स्टेशन, गुर्रा पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर दिया।

प्रमुख बिंदु और ग्रामीणों की मांग

घटना की वजह : राम प्रसाद बिजली पोल पर काम कर रहे थे। आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और लाइन में अचानक करंट छोड़ दिया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साये ग्रामीणों ने आज गुर्रा सब-स्टेशन के सामने धरना दिया। ग्रामीणों का गुस्सा पूर्णत: स्वाभाविक और जायज है, और यह केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी का मामला नहीं, बल्कि दशकों से चली आ रही व्यवस्थागत विफलता के खिलाफ आक्रोश है।

घोर लापरवाही, नहीं सिर्फ हादसा

राम प्रसाद जैसे निजी कर्मचारी अक्सर अत्यंत असुरक्षित माहौल में काम करते हैं। करंट लगने से हुई मौत स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि काम शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों की घोर अवहेलना की गई। ग्रामीणों का क्रोध इसलिए जायज़ है क्योंकि उनकी नजर में यह हादसा नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की आपराधिक लापरवाही का परिणाम है। कर्मचारी की मौत के तुरंत बाद यदि विभाग स्वयं जिम्मेदार अधिकारियों और पर्यवेक्षकों पर कठोर कार्रवाई करता, तो शायद जनता को सड़क पर उतरने की आवश्यकता नहीं पड़ती। गुर्रा सब स्टेशन का घेराव इस बात का प्रमाण है कि पीडि़त परिवार और ग्रामीण न्याय पाने के लिए सरकारी तंत्र पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। उनका गुस्सा इसलिए जायज है क्योंकि वे जानते हैं कि जब तक जनता दबाव नहीं बनाएगी, तब तक विभाग में जवाबदेही तय नहीं होगी।

असुरक्षित श्रम की मजबूरी

राम प्रसाद जैसे निजी/ठेका श्रमिक सबसे कम सुरक्षा और लाभ के साथ सबसे अधिक जोखिम उठाते हैं। ग्रामीणों का आक्रोश उस असुरक्षित कार्य संस्कृति के विरुद्ध है जहां गरीब तबके के लोगों को जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर किया जाता है, और उनकी मौत पर भी विभाग संवेदनहीन बना रहता है। यह न्याय और मानवीयता की सीधी मांग है। यह घटना एक बार फिर बिजली विभाग में निजी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर हो रही गंभीर अनदेखी को उजागर करती है। उनकी मुख्य मांग है, राम प्रसाद की मौत के जिम्मेदार दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए। व्यवस्था को इस गुस्से को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कठोर कदम उठाना अनिवार्य है।

समाचार लिखे जाने तक, गुर्रा सब स्टेशन पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बिजली विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर मौजूद हैं और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर एक्शन नहीं होगा, वे अपना घेराव जारी रखेंगे।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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