इटारसी। पेड़-पौधों की सरसराहट, मिट्टी की सोंधी खुशबू और परिंदों की चहचहाहट के बीच स्कूली बच्चों के लिए एक यादगार दिन रहा। मप्र इको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा प्रायोजित अनुभूति कार्यक्रम के तहत तिलक सिंदूर के घने जंगलों में जमानी स्कूल के बच्चों ने प्रकृति को करीब से जाना और समझा।
प्रकृति पथ पर रोमांचक सफर
वनमण्डल नर्मदापुरम के इटारसी परिक्षेत्र में आयोजित इस शिविर में पीएमश्री शासकीय एकीकृत विद्यालय और शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय जमानी के 122 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मास्टर ट्रेनर और सेवानिवृत्त अपर वन मंडल अधिकारी रामकिशोर चौरे एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक शर्मा ने बच्चों को जंगल की गहराइयों में ले जाकर पौधों, औषधियों और घास की पहचान कराई। बच्चों ने सीखा कि कैसे एक छोटा सा पौधा भविष्य के पर्यावरण और खाद्य श्रृंखला की नींव होता है।
जंगल की पुकार: खेल-खेल में बना पर्यावरण रक्षक
सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि बच्चों को व्यवहारिक सीख भी दी गई।
- झोला निर्माण : प्लास्टिक के खिलाफ जंग छेड़ते हुए बच्चों को कपड़े से झोला बनाना सिखाया गया।
- कागज से बाघ : रचनात्मकता दिखाते हुए बच्चों ने कागज की मदद से बाघ की आकृतियां बनाईं।
- जंगल के किस्से : बच्चों को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, कूनो के चीतों और बोरी अभ्यारण्य के बारहसिंघा के बारे में रोचक किस्से सुनाए गए।
हम हैं बदलाव, हम हैं धरती के दूत
दोपहर के भोजन के बाद बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं और खेल आयोजित किए गए। उन्हें वन विभाग की कार्यप्रणाली और भविष्य में विभाग में करियर बनाने के अवसरों (सीधी भर्ती व पदोन्नति) की जानकारी भी दी गई। अंत में, सभी बच्चों ने धरती के दूत बनकर वनों को आग, अवैध कटाई और चराई से बचाने की शपथ ली। बच्चों को अनुभूति किट, कैप, डायरी और पेन वितरित किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इस पूरे आयोजन में वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष विनोद वारीबा, समिति सदस्यों और 12 वन कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। बच्चों के चेहरे की मुस्कान और प्रकृति के प्रति उनकी जिज्ञासा ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया।










