रितेश राठौर, केसला। पुलिस की नौकरी केवल एक पेशा नहीं, बल्कि अनुशासन और समर्पण की एक कठिन साधना है। इस साधना को पूरे 40 वर्षों तक पूरी ईमानदारी से जीने वाले एएसआई कैलाश चंद्र बड़कुल बीते शनिवार, 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हुए। थाना केसला परिवार ने अपने इस कर्मठ साथी को गुरु कृपा रेस्टोरेंट में आयोजित एक भव्य और भावुक समारोह में विदाई दी।
चार दशकों का बेदाग सफर
विदाई समारोह के दौरान थाना प्रभारी और साथी पुलिस स्टाफ ने श्री बड़कुल के लंबे कार्यकाल को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि 40 साल की लंबी सेवा के दौरान उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था को संभाला, बल्कि अपनी ईमानदारी और अनुशासन से विभाग में एक मिसाल पेश की। विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की उनकी कला नए पुलिसकर्मियों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगी।
सम्मान और स्मृतियों का संगम
कार्यक्रम में जब एएसआई बड़कुल के परिजन उनके साथ बैठे, तो पूरा माहौल पारिवारिक स्नेह से भर गया। थाना स्टाफ ने उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर उनका अभिनंदन किया, स्मृति चिन्ह देकर उनके योगदान को यादगार बनाया। बड़कुल ने कहा, पुलिस विभाग मेरा परिवार रहा है।
वर्दी उतारने का अर्थ सेवा से मुक्त होना नहीं है, मैं भविष्य में भी समाज सेवा के लिए सदैव तत्पर रहूंगा। कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक स्नेह भोज के साथ हुआ। विदाई की इस घड़ी में सहकर्मियों ने उनके बेहतर स्वास्थ्य और सुखद भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ उन्हें विदा किया।








