इटारसी। गांधी नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में कॉन्वेंट स्कूल के खाते से करीब 18.61 लाख रुपये की हेराफेरी करने वाले तत्कालीन केशियर योगेश दहाट को न्यायालय ने विभिन्न धाराओं में कड़ी सजा सुनाई है। आरोपी ने बच्चों की फीस की राशि बैंक खाते में जमा करने के बजाय स्वयं उपयोग कर ली थी, जिसके बाद बैंक प्रबंधन की शिकायत पर सिटी थाने में मामला दर्ज हुआ था।
पांच अलग-अलग धाराओं में मिली सजा
प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता खजुरिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी योगेश को पांच अलग-अलग धाराओं में दंडित किया। धारा 467, 471 एवं 409, प्रत्येक धारा में 5-5 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 420 एवं 468, प्रत्येक धारा में 3-3 वर्ष का कारावास, न्यायालय ने सभी पांचों धाराओं में कुल 10,000 रुपये, प्रति धारा 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
14 गवाह और 96 दस्तावेजों ने साबित किया दोष
इस हाई-प्रोफाइल मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक भूरेसिंह भदौरिया ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में 14 ठोस गवाह और 96 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। इन मजबूत साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि आरोपी ने कूटरचना करते हुए बैंक और स्कूल के साथ धोखाधड़ी की थी।
जेल भेजा गया आरोपी
वर्ष 2021 और 2022 के दौरान हुए इस गबन कांड में फैसला आने के तुरंत बाद न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। अभियोजन पक्ष की इस सटीक पैरवी और न्यायालय के सख्त फैसले की शहर में चर्चा है।









