भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने राज्य के सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के संबंध में समस्त कलेक्टर्स को निर्देश जारी किए हैं। यह योजना प्रदेश के सभी जिलों की अधिसूचित मंडियों में लागू की गई है।
पंजीयन और विक्रय की महत्वपूर्ण तिथियां
किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत पंजीयन और फसल विक्रय की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है।
पंजीयन अवधि : कृषकों का पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर 03 अक्टूबर, 2025 से 17 अक्टूबर, 2025 तक किया जाएगा।
फसल विक्रय अवधि (भावांतर अवधि): किसान अपनी सोयाबीन की फसल 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक बेच सकेंगे।
प्रचार-प्रसार के लिए विशेष निर्देश
शासन ने योजना को हर किसान तक पहुंचाने के लिए सभी माध्यमों का उपयोग करने को कहा है।
जन संपर्क माध्यम : सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स (जैसे ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, वाट्सऐप), एफएम रेडियो (जिंगल, स्थानीय लोकगीत), प्रेस नोट, किसान संगोष्ठी, पम्पलेट, और नुक्कड़ नाटक शामिल हैं।
रैली एवं उत्सव : योजना को एक उत्सव का माहौल बनाने के लिए त्रिस्तरीय (जिला, ब्लॉक और ग्राम) स्तर पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, मोटर साइकिल, साइकिल, और पदयात्रा आदि रैलियों का आयोजन किया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधियों, कृषक प्रतिनिधियों, किसानों और युवकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस : जिला मुख्यालय पर प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों और किसान प्रतिनिधियों के साथ योजना की जानकारी और लाभ पर बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया गया है। बैठक के बाद, भावांतर योजना की जानकारी के समुचित प्रचार-प्रसार के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी। मंडी स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों और स्टेक होल्डर्स की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
भ्रांति निवारण : जिले में एक ऐसा सूचना तंत्र विकसित करने को कहा है, जिससे समय-समय पर स्टेक होल्डर्स का फीडबैक मिलता रहे और किसी भी प्रकार की भ्रांतियों का समाधान किया जा सके।








