---Advertisement---

नर्मदापुरम वन विभाग की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, ताकू डिपो से लाखों की सागौन गायब!

By
On:
Follow Us

इटारसी। सामान्य वनमंडल का वन महकमा एक बार फिर सुर्खियों में है, और इस बार कारण बेहद गंभीर है। छीपीखापा के जंगलों में दो करोड़ की अवैध कटाई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब ताकू काष्ठागार डिपो से लाखों रुपये की कीमती लकड़ी के गायब होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

वन माफिया अब न केवल जंगलों को साफ कर रहे हैं, बल्कि वन विभाग के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले फेंसिंग युक्त डिपो में भी सेंध लगा रहे हैं, जिसने महकमे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

सबसे बड़े काष्ठागार से 45 घनमीटर लकड़ी चोरी

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अनियमितता वर्ष 2023-2024 की है। सामान्य वनमंडल के तहत आने वाला ताकू काष्ठागार डिपो इस क्षेत्र का सबसे बड़ा डिपो है। यह डिपो चारों ओर से सुरक्षित फेंसिंग (चारदीवारी) से घिरा हुआ है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी रेंजर, डिप्टी रेंजर, नाकेदार और चौकीदार सहित पूरी टीम के हाथों में होती है।

बावजूद इसके, इस हाई-सिक्योरिटी डिपो से लगभग 45 घनमीटर सागौन और सतकटा की बेशकीमती लकड़ी का गायब हो जाना कई गंभीर संदेहों को जन्म दे रहा है। डिपो के भीतर चोरी होना स्पष्ट रूप से वन अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत या घोर लापरवाही की ओर इशारा करता है।

जांच में अनियमितताओं का खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कई वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है।
इस गंभीर मामले में सबसे पहले जांच और सत्यापन तत्कालीन एसडीओ श्री सेंगर ने किया था, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
इसके बाद, सोहागपुर की एसडीओ रचना शर्मा ने भी मामले की गहनता से जांच और सत्यापन किया। सूत्रों के हवाले से खबर है कि जांच रिपोर्ट में ताकू काष्ठागार डिपो में हुई बड़ी अनियमितताओं का स्पष्ट रूप से जिक्र किया गया है। यह मामला प्रकाश में आने के बाद वन महकमे में हड़कंप मच गया है।

दोषियों पर गिरेगी गाज

लाखों की लकड़ी गायब होने का यह संगीन घटनाक्रम जिस समय का है, उस समय ताकू काष्ठागार डिपो पर जो भी वन अधिकारी और कर्मचारी पदस्थ थे, उन सभी पर अब कार्रवाई की गाज गिर सकती है। एक तरफ जहां वन माफिया जंगल में अवैध कटाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विभाग के सबसे सुरक्षित डिपो में चोरी होना, वन महकमे की सुरक्षा व्यवस्था को मज़ाक बनाकर रख दिया है। यह घटना दर्शाती है कि नर्मदापुरम में वन संपदा को बचाने के लिए कठोर कार्रवाई और आंतरिक सुरक्षा सुधार की तत्काल आवश्यकता है।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

For Feedback - info[@]narmadanchal.com
Join Our WhatsApp Channel
error: Content is protected !!
Narmadanchal News
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.