- रेडक्रॉस की पहल पर धर्माचार्य और कथावाचक आम जनता से रक्तदान करने की अपील कर रहे हैं
नर्मदापुरम। रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है। जिले के कथावाचक एवं आचार्यों ने रक्तदान कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दिशा में रेडक्रॉस (Red Cross) की पहल पर सभी लोगों ने रक्तदान कराने में बढ़-चढ़कर सहयोग दिया है। इसी का परिणाम है कि आज हमारे यहां ब्लड बैंक (Blood Bank) में रक्तदान पर्याप्त यूनिट में उपलब्ध है। उक्त बात कलेक्टर सोनिया मीना ( Collector Sonia Meena) ने धर्माचार्यों एवं कथा वाचकों के सम्मान कार्यक्रम में कहीं।
कलेक्ट्रेट (Collectorate) के सभाकक्ष में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी (Red Cross Society) के तत्वावधान में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कथावाचक एवं आचार्य उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी को पुष्पगुच्छ एवं शाल देकर सम्मानित किया, और कहा कि सभी भागवत कथा वाचकों एवं आचार्यों को मैं प्रणाम करती हूं जिनकी बदौलत रक्तदान का हमारा अभियान सफल हुआ है। सिकल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anemia) एवं थैलेसीमिया (Thalassemia) से पीडि़त मरीजों को रक्तदान की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में उनको रक्त उपलब्ध कराकर रेडक्रॉस सोसाइटी अपना महत्वपूर्ण रोल निभा रही है। कलेक्टर ने सभी लोगों से आग्रह किया कि वह कथा वाचन के दौरान लोगों से भारी संख्या में आगे आकर मतदान करने की भी अपील करें। कलेक्टर ने सम्मान कार्यक्रम में आचार्य सोमेश परसाई, पंडित गोपाल प्रसाद खड्डर, पंडित अजय दुबे, पंडित पुष्कर परसाई, पं ईशान परसाई, आचार्य पंकज पाठक, पंडित सुरेश शर्मा, पंडित कैलाश दुबे, पंडित संजय मिश्रा, पंडित भार्गव सहित अन्य कथावचकों को सम्मानित किया।
रेडक्रॉस सोसाइटी नर्मदापुरम ब्लॉक के चेयरमेन चंद्र गोपाल मलैया ने बताया कि रेडक्रॉस सोसाइटी ने 2 साल में रक्तदान अभियान से सभी कथावाचकों को जोड़ा है, साथ ही जचकी वार्ड में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई है। 22 बिस्तरों के रैन बसेरा को रिनोवेशन कर उसे रहने योग्य बनाया। शव वाहन उपलब्ध कराया है। इसके अलावा हेल्प डेस्क की स्थापना की, जहां पर दो व्यक्ति हमेशा मौजूद रहते हैं जो आम लोगों की मदद करते हैं। हेल्प डेस्क में करीब 200 लोग रोज पूछताछ करने आते हैं। जहां भागवत कथा होती है, वहां कथा वाचक आम लोगों से रक्तदान करने की भी अपील करते हैं। एक-एक कथा वाचन के दौरान 50 यूनिट तक रक्त उपलब्ध हो जाता है। कार्यक्रम में आचार्य सोमेश परसाई ने कहा कि रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है।
समाज में जीवन जीने की शैली हमें आपस में एक दूसरे से जोड़कर रखती है। यदि समाज को आवश्यकता होती है तो हम बलिदान देने के लिए हमेशा आगे रहते हैं। पंडित गोपाल प्रसाद खड्डर ने कहा कि मैं रेडक्रॉस का आजीवन सदस्य हूं। लोगों को प्रेरित करता हूं कि वह रक्तदान अवश्य करें। पंडित नीरज त्रिपाठी ने कहा कि रेडक्रॉस द्वारा पुण्य का कार्य किया जा रहा है। पं. अजय त्रिवेदी ने कहा कि समाज को कल्याणकारी बनाने रक्तदान करने की आवश्यकता है। पं. पुष्कर परसाई ने कहा कि समाज को सुंदर बनाने के लिए धर्म के माध्यम से यदि कोई बात की जाए तो उसका अच्छा प्रभाव पड़ता है। डॉ आर.के माहेश्वरी ने बताया कि जिला अस्पताल में रक्त ब्लड बैंक में सुरक्षित रहता है। 1080 यूनिट ब्लड गत दिवस एकत्र किया था इसके विरुद्ध 1300 यूनिट रक्तदान किया क्योंकि हमारे द्वारा मरीजों के परिजनों को भी समझाइश दी जाती है कि वह रक्तदान करें।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत ने कहा कि आने वाले दिनों में यह प्रयास किया जाएगा कि जहां पर कथा वाचकों द्वारा भागवत कथा कराई जाती है वहीं पर स्वास्थ्य विभाग ब्लड डोनेट कराए। इस अवसर पर रेडक्रॉस के कोषाध्यक्ष मुकेश श्रीवास्तव, सहसचिव गौरव सेठ, सदस्य गोविंद दुबे, डीएस दागी, केशव साहू, उदित द्विवेदी, हेमंत चौधरी, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रवि शर्मा, कार्यालय प्रभारी शेरसिंह, प्रदीप मिश्रा, नीरजा फौजदार मौजूद थे।









