इटारसी। कांग्रेस किसान कमेटी, जिला नर्मदापुरम ने आज गुरुवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर कलेक्टर नर्मदापुरम के नाम एक ज्ञापन एसडीएम इटारसी को सौंपा। ज्ञापन में कांग्रेस ने नरवाई की समस्या को खास तौर से उठाते हुए कहा है कि इस संबंध में सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था दे तो कोई भी किसान नरवाई नहीं जलाएगा। लेकिन, अचानक सरकार ने नरवाई नहीं जलाने का फरमान जारी कर दिया, गेहूं की बोवनी में समय नहीं बचा है, जिन मशीनों से सरकार नरवाई की गठान बनाने की बात कर रही है, वे अपर्याप्त है और अव्यवहारिक फैसला है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि तीन दिन में प्रशासन कोई सर्वमान्य हल नहीं निकालता है तो किसान कांग्रेस खेतों में उतरकर नरवाई जलाएगी, चाहे प्रशासन को इसके लिए हम पर प्रकरण बना दे। किसानों ने चेतावनी है कि सरकार की नीतियों से बेहद परेशान हैं और यदि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज पटेल, अजय पटेल, राजकुमार केलू उपाध्यक्ष, पूर्व मंडी अध्यक्ष रमेश बामने, हेमचंद कश्यप, जिला प्रवक्ता संतोष गुरयानी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष नवल पटेल, धर्मेंद्र मालवीय, कन्हैया गोस्वामी, ब्लाक अध्यक्ष चंद्रकांत बहारे, पिंकी कहार, चंद्रगोपाल मलैया, नगर महिला कांग्रेस नेहा चावरे, अनिल रैकवार, सोनू बकोरिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान कांग्रेस के सदस्य शामिल थे।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख मांगें
अतिरिक्त बिजली उपलब्धता : रबी सीजन में किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त बिजली (कम से कम 10 घंटे) मुहैया कराई जाए, साथ ही जले और खराब ट्रांसफार्मर तत्काल बदले जाएं।
रबी सीजन 2025-26 के लिए खाद और बीज : आगामी रबी सीजन के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
फसल खरीदी
किसानों की फसल का उपार्जन बीज गुणवत्ता के बहाने न रोका जाए।
खरीदी केंद्रों पर किसानों को टोकन के हिसाब से कम से कम 7 दिन की वैधता दी जाए।
मूंग और सोयाबीन की फसल का समर्थन मूल्य 4500 प्रति क्विंटल से कम न हो, इसकी खरीदी की व्यवस्था सरकार करे।
खरीदी केंद्र पर व्यवस्था : खरीदी केंद्र पर रात रुकने वाले किसानों के लिए साफ़-सफाई और पानी की उचित व्यवस्था की जाए।
अन्य मांगें
सभी अंशकालिक किसानों को उनकी भूमि का पट्टा और उपज की खरीदी का अधिकार दिया जाए।
समर्थन मूल्य पर बिक चुकी किसान फसल की बची राशि का भुगतान तत्काल किया जाए।
इनका कहना है….
किसान के समाने खाद की समस्या पहले से है, मक्का के भाव कम मिल रहे हैं, धान खरीदी का पता नहीं है, सोयाबीन में भावांतर में डिफरेंस है। अब एक नया फरमान कि पराली नहीं जलाएं। हम भी पराली नहीं जलाना चाहते, आप विकल्प तो उपलब्ध करायें। प्रशासन भी सहयोग करे, हम सहयोग को तैयार हैं। विकल्प नहीं मिलेंगे तो हम तो पराली जलाएंगे, क्योंकि फसल में अब समय नहीं बचा है।
विजय बाबू चौधरी, जिलाध्यक्ष किसान कांग्रेस
कलेक्टर ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया है कि किसान पराली नहीं जलाएं। 8 मशीनें हैं, जिनसे गठान बनाने को कहा जा रहा है, हजारों एकड़ में इतनी जल्दी यह कैसे संभव होगा। जमीन कठोर हो रही है, फिर बोवनी होना ही मुश्किल हो जाएगा। हमारे पास पराली जलाने के अलावा कोई चारा नहीं है। हम चौबीस घंटे बाद स्वयं खेत में उतरकर पराली जलाएंगे।
पुष्पराज पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का ज्ञापन मिला है, जो मांगें राज्य स्तर की हैं, वहां भेजेंगे, हमारे स्तर की मांगों पर हम निराकरण करेंगे। जिले में नरवाई प्रबंधन का काम चल रहा है, किसान और राजनीतिक दलों के लोग भी सहयोग कर रहे हैं। हमारी अपील है कि हम किसान हित और पर्यावरण हित भी देखेंगे, किसानों को खेतों की उर्वरता को भी ध्यान में रखना होगा, आधुनिक तरीके अपनाएं, निराकरण निकलेगा।
नीलेश शर्मा, एसडीएम








