इटारसी। इटारसी के पास स्थित ग्राम जमानी में ‘श्री गणेशोत्सव’ की गौरवशाली परंपरा इस साल भी जारी है। स्वर्गीय दुबे परिवार द्वारा 1960 के दशक में स्थापित यह महोत्सव, केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति का एक भव्य संगम बन चुका है। इस वर्ष भी, देश भर के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से इस उत्सव को और भी खास बनाने जा रहे हैं।यह ऐतिहासिक आयोजन 5 सितंबर, शुक्रवार को रात्रि 9:30 बजे से दुबे बंधु निवास में शुरू होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कला प्रेमियों और श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय कलाओं से जोडऩा है।
इस वर्ष के महोत्सव में कलाकार
- संगीत की शानदार जुगलबंदी : तबला वादक उदय शंकर मिश्रा और आनंद मिश्रा अपनी ताल से कार्यक्रम में जान फूंक देंगे। वहीं, बनारस घराने के प्रख्यात गायक पंडित विशाल मिश्रा ‘सागर’ का गायन भक्ति और कला का अद्भुत संगम पेश करेगा।
- पुरस्कार विजेता सारंगी वादन : सारंगी और हारमोनियम पर अनीश मिश्रा संगत देंगे। वे एक पुरस्कार विजेता सारंगी वादक हैं और अखिल भारतीय रेडियो (AIR) के ‘बी हाई ग्रेड’ कलाकार भी हैं।
- शास्त्रीय कथक नृत्य : प्रसिद्ध कथक नृतक अमृत मिश्रा, कथक नृत्यांगना श्रीमती वसुंधरा शर्मा और शिवानी पटेल अपनी शानदार शास्त्रीय कथक नृत्य प्रस्तुतियां देंगे। अमृत मिश्रा, जो बनारस और लखनऊ घराने के प्रतिष्ठित गुरुओं से शिक्षा ले चुके हैं, अपनी कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे।
स्थापना की गौरवशाली कहानी
आयोजक परिवार के सदस्य प्रभुदयाल दुबे ने बताया कि इस महोत्सव की स्थापना सन् 1960 में स्वर्गीय पुरुषोत्तम लाल दुबे, स्वर्गीय रविशंकर दुबे, स्वर्गीय विजय शंकर दुबे और स्वर्गीय शंभू दयाल दुबे ने की थी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मंच पर देश के कई प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी है, जिसमें एक अनूठा इतिहास भी छिपा है। प्रभुदयाल दुबे के अनुसार, 1960 में पहली गणेश वंदना एक मुस्लिम गायक उस्ताद आदिल खां झांसीवाले ने की थी। इसके बाद हैदराबाद के शेख दाऊद के तबले पर विदिशा के गंगाप्रसाद पाठक ने गायन की प्रस्तुति दी थी।
इस महोत्सव में उस्ताद अहमद जान तिरकवा, अल्लारक्खा खां, किशन महाराज, उस्ताद विलायते खां और प्रसिद्ध नृत्यांगना सितारा देवी जैसे महान कलाकार भी अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। इतना ही नहीं, अभिनेता गोविंदा की मां निर्मला देवी भी शास्त्रीय गायन के लिए कई बार जमानी आ चुकी हैं। आयोजन समिति के पवन कुमार दुबे, गगन कुमार दुबे, हेमंत दुबे ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य उनके यशस्वी पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाना और भक्ति, कला और संस्कृति को एक मंच पर लाना है।









