इटारसी। नर्मदा नदी की परिक्रमा करने और 1800 दिनों तक केवल नर्मदा जल पर जीवन बिताने वाले ‘दादा गुरु’ का इटारसी आगमन हुआ। करीब आधा सैंकड़ा स्थानों पर उनका आत्मीय स्वागत किया। श्री द्वारिकाधीश मंदिर में उनके प्रवचन हुए, जहां उन्होंने पितृमोक्ष अमावस्या पर एक पेड़ मां के नाम, गुरु और गोविंद के नाम लगाने अपने अनुयायियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि न सिर्फ पौधा लगायें, बल्कि उसे संरक्षित करें, और पेड़ बनने तक सेवा करें। उन्होंने कहा कि नदियां जीवनदायिनी हैं, उनको प्रदूषित न करें। दादा गुरु श्रीजी कृपा गौशाला भी पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि गाय जहां खड़ी होती है, वह मिट्टी बृज की रज के समान होती है, जो गौशाला में सेवा करता है, उसके स्वास्थ्य में परिवर्तन आता है, वह स्वस्थ रहता है।
इन संस्थाओं ने किया स्वागत
दादा गुरु के प्रथम नगर आगमन पर कृषि उपज मंडी के सामने व्यापारियों ने, साईंकृष्णा रिजॉर्ट के सामने फाइटर फुटबाल क्लब और लायंस क्लब के अलावा मार्ग में विश्व हिन्दू परिषद, नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मयूर जैसवाल और उनकी टीम ने, करणी सेना, व्यापार महासंघ, पशुपतिनाथ मंदिर समिति सहित अनेक संगठनों ने स्वागत किया। सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने दादा गुरु के विचारों को सुना।
मुस्कान संस्था में आगमन
मुस्कान संस्था में उनका स्वागत बच्चों ने पुष्प वर्षा कर और पूरी आत्मीयता के साथ किया। इस दौरान संस्था के सदस्यों और मित्रों ने भी उनका अभिनंदन किया। बच्चों को आशीर्वाद देते हुए दादा गुरु ने कहा, ‘आप सभी मन लगाकर पढ़ाई करें और सनातन धर्म का पालन करें। मैं दोबारा आप सब से मिलने आऊँगा।’ उनके इन प्रेरणादायक शब्दों से बच्चों में खासा उत्साह देखा गया।
इस अवसर पर, मुस्कान संस्था के संचालक मनीष ठाकुर ने दादा गुरु को संस्था द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में संस्था परिवार से ऋतु राजपूत, रानी राजपूत, नीलू नायक और संध्या जैन विशेष रूप से उपस्थित रहीं। यह क्षण संस्था और बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।









