इटारसी। नगर पालिका प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही अब शहरवासियों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। बुधवार, 11 फरवरी की सुबह शहर की न्यास कॉलोनी में एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार युवक खुले नाले की भेंट चढ़ गया। यह घटना प्रशासन के उन दावों की पोल खोलती है जहाँ सुरक्षा और विकास की बातें की जाती हैं, जबकि हकीकत में राहगीर अपनी जान हथेली पर रखकर चल रहे हैं।
हादसे का मंजर : बाल-बाल बची जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग 8:57 बजे न्यास कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय गोपाल सोनी बाइक से जा रहे थे, तभी संतुलन बिगड़ने से वे खुले नाले में गिर गए। इस हादसे में उनके चेहरे पर गंभीर चोट आई, जिसके चलते 6 टांके लगाने पड़े। उनके हाथ में भी फ्रैक्चर हो गया।
गोपाल सोनी को तत्काल सरकारी अस्पताल लाया गया। ड्यूटी डॉक्टर विकास जैतपुरिया ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए इटारसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। सड़क किनारे स्थित गहरे और खुले नाले का अंदाजा न होने के कारण युवक अनियंत्रित होकर सीधे नाले में जा गिरा।
स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस : हादसा इतना भीषण था कि युवक नाले में बुरी तरह फंस गया था। मौके पर मौजूद नागरिकों ने तत्काल दौड़कर कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला।
गंभीर चोटें : युवक के सिर, हाथ और पैरों में गहरी चोटें आई हैं। उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।
कुंभकर्णी नींद में जिम्मेदार
न्यास कॉलोनी के रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि यह नाला लंबे समय से खुला पड़ा है और इसके लिए नगर पालिका प्रशासन को दर्जनों बार आवेदन दिए गए, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
- अंधेरा और खतरा : रात के समय इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण यह खुला नाला मौत का जाल बन जाता है।
- अधिकारियों की चुप्पी : शिकायतों के बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का मुआयना करना या स्लैब डलवाना जरूरी नहीं समझा।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
घटना से आक्रोशित रहवासियों ने नगर पालिका प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी है। नागरिकों का कहना है कि यदि 24 घंटे के भीतर इन खुले नालों को स्लैब डालकर सुरक्षित नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।










