- बिजासन देवी दरबार में श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा
इटारसी। महर्षि कॉलोनी स्थित बिजासन देवी दरबार में बसंत उत्सव एवं स्थापना सप्ताह के उपलक्ष्य में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन पंडित देवेंद्र दुबे ने राजा परीक्षित के जन्म और शुकदेव जी के आगमन के प्रसंगों का सजीव वर्णन किया।
धर्म किसकी शरण में गया?
द्वितीय दिवस की कथा में सूतजी से ऋषियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों की व्याख्या करते हुए पंडित दुबे ने बताया कि जब भगवान श्री कृष्ण अपनी लीलाएं पूर्ण कर स्वधाम गमन कर गए, तब धर्म श्रीमद् भागवत महापुराण की शरण में चला गया।
मृत्यु अटल है, हम सब परीक्षित हैं
कथा व्यास ने शमीक ऋषि के अपमान और श्रंगी ऋषि द्वारा राजा परीक्षित को दिए गए सात दिनों में मृत्यु के श्राप के प्रसंग पर मार्मिक प्रकाश डाला। उन्होंने आध्यात्मिक बोध कराते हुए कहा कि वास्तव में हर मनुष्य परीक्षित है, क्योंकि सप्ताह में सात ही दिन होते हैं और हमारी मृत्यु भी इन्हीं सात दिनों में से किसी एक दिन होनी निश्चित है। इसलिए जीवन में भक्ति का मार्ग अपनाना अनिवार्य है।
कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक मंदिर प्रांगण में हो रही है। समिति अध्यक्ष प्रमोद भार्गव ने बताया कि 23 तारीख को यज्ञ-हवन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संरक्षक सुनील पाठक ने सभी धर्मप्रेमियों से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।









