इटारसी। विश्व हिंदू परिषद नर्मदापुरम जिले की विभाग बैठक पुरानी इटारसी स्थित अभिनंदन हॉल के सभागार में विभाग अंतर्गत आने वाले पांचों जिलों बैतूल, हरदा, मुल्ताई, नर्मदापुर, पिपरिया के कार्यकर्ताओं के साथ तीन सत्रों में हुई। सर्वप्रथम अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर संगठन की आचारपद्धति के उपरांत बैठक प्रारंभ हुई।
उद्घाटन सत्र में विहिप के केंद्रीय मंत्री अखिल भारतीय विशेष संपर्क प्रमुख अम्बरीष सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू परंपराएं जो विलुप्त होती जा रही है, उन्हें पुन: स्थापित करना होगा और उसकी परंपरा अयोध्या श्री राम मंदिर के निर्माण से प्रारंभ भी हो गई है। हिंदुओं के मान बिंदुओं की रक्षा करने हेतु ही विश्व हिंदू परिषद बना है। विहिप की स्थापना भगवान का कार्य करने के लिए हुई है। इसमें गौमाता, वेद,संस्कृत एवं मंदिरों की रक्षा करना ही मुख्य उद्देश्य है। आज की नई पीढ़ी के सामने सच्चे आदर्श प्रकट नहीं कर रहे।
महापुरुषों में वंदा बैरागी, अहिल्याबाई, दुर्गावती के बारे में नहीं बता रहे। भारत माता की जय केवल नारा नहीं है यह एकत्व का महामंत्र है। इसमें अलग भाषा वाले भी सहोदर भाई हैं। भारत के नागरिक भारत माता के पुत्र हैं परंतु वन्देमातरम न बोलने वाला हमारा भाई कैसे हो सकता है जो राम के स्थान पर बाबर की बात करते हैं।
द्वितीय सत्र में प्रांत मंत्री नवल किशोर ने कहा कि आगामी कार्यक्रमों की पहले से योजना बनाएं। अभी लड़ाई हिंदू हिंदू के बीच हो रही है। हमारे बीच ठीक से समन्वय नहीं है। व्यक्तिगत हित,पद प्रतिष्ठा के कारण हिंदू ही हिंदू के सामने खड़ा है। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब परिवर्तन दिख रहा है। विजय हमारी ही होगी, प्रसन्नता एवं आनंद से कार्य करें। घरों में मंदिर नहीं देवालय या पूजाघर होना चाहिए मंदिर तो समाज के बीच होना चाहिए। सामूहिक रूप से त्योहार त्योहार मनाएं। वर्ण भेद को छोडक़र सामाजिक समरसता का भाव लाना है। हिंदुओं के विराट का दर्शन महाकुंभ में हुआ है जिसमें एक साथ स्नान कर रहे वही हिंदू बनना है।
उक्त अवसर पर विभाग संगठन मंत्री अवधेश पाराशर,विभाग मंत्री राजेश प्रजापति के साथ अन्य प्रांतीय, विभागीय एवं जिलाकार्यसमिति के सदस्य व मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की सदस्य उपस्थित रहीं।









