इटारसी। कोरकू कल्याण समिति ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। समिति ने ग्राम पगारा में पिछले 10 वर्षों से खाली और अनुपयोगी पड़े पूर्व पंचायत भवन को विस्थापित आदिवासी समुदाय के लिए सामुदायिक भवन घोषित करने की मांग की है।
सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव की कोशिश
समिति के अध्यक्ष नर्मदाप्रसाद नागले और समाजवादी जन परिषद के सुमित कुमार सेलुकर ने बताया कि वर्ष 2015 में टाइगर रिजर्व परियोजना के तहत कोरकू (मवासी) परिवारों को उनके पैतृक गांवों से विस्थापित किया था। विस्थापित होने के बावजूद इस समुदाय की धार्मिक और सामाजिक आस्था आज भी पगारा क्षेत्र के देवस्थलों घोड़ानार, नागद्वारी, चोरागढ़ आदि से जुड़ी है। इन स्थानों पर होने वाले आयोजनों में ठहरने और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
- नामकरण : खाली भवन को राजा भभूत सिंह सामुदायिक भवन घोषित किया जाए।
- संचालन : इसका प्रबंधन विस्थापित समुदाय की ग्राम विकास या देवस्थल समिति को सौंपा जाए।
- शिक्षा की पहल : भवन मिलने पर समिति यहां गरीब बच्चों के लिए प्रतिदिन नि:शुल्क सायंकालीन कक्षाएं शाम 7 से 9 बजे संचालित करेगी।
समिति का कहना है कि भवन का उपयोग होने से यह क्षतिग्रस्त होने से बचेगा और आदिवासी समुदाय को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को निभाने के लिए एक सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। ज्ञापन सौंपते समय जय सिंह बारस्कर, शिवांश और अन्य सदस्य मौजूद रहे।









