इटारसी। शहर में आवारा कुत्ते ने करीब डेढ़ दर्जन अधिक लोगों को काटकर दहशत मचा दी। गुरुवार की शाम से देर रात तक सड़क पर घूमते हुए कुत्ते ने जो मिला उसे काटा। सिविल अस्पताल में इस कुत्ते के काटे हुए लोगों की भीड़ लग गयी। ड्यूटी डॉक्टर डॉ. विकास जैतपुरिया ने सबका उपचार किया। कुत्ते ने एक ही दिन में 20 से ज्यादा लोगों को काट लिया, जिससे शहर में भय का माहौल बन गया। घायलों का उपचार सरकारी अस्पताल में किया गया है। इनमें से कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
पीडि़तों के अनुसार, कुत्ता बस स्टैंड से लेकर नीमवाड़ा तक लोगों को काटते हुए पहुंचा। सुबह से देर रात तक कुत्ते ने महिलाओं, बाइक सवारों और पैदल चलने वाले लोगों को अपना शिकार बनाया। प्राइवेट वेयरहाउस में काम करने वाले सुपरवाइजर आनंद परते ने बताया कि जब वे बाइक से घर लौट रहे थे, तभी बस स्टैंड के पास एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह बाइक सहित गिर गए और कुत्तों ने उनके हाथ-पैर में काट लिया।
इसी तरह, रैसलपुर गांव जा रहे शुभम चौरे को भी नीमवाड़ा में एक कुत्ते ने काट लिया, जिससे वह बाइक समेत गिर पड़े। उन्होंने बताया कि कुत्ता पालतू जैसा लग रहा था। घायलों में पारुल जैन 35 वर्ष, कमलेश 45 वर्ष, राहुल यादव 20 वर्ष, प्रदीप, शक्ति सिंह 25 वर्ष, कमल 45 वर्ष और अशोक 48 वर्ष भी शामिल हैं।

अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. विकास जयपुरिया ने बताया कि गुरुवार को उनके पास 8 से 10 मामले आए थे। सुबह से लेकर देर रात तक कुल 20 से 25 मरीज कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे।
नपा की कार्रवाई और डॉग लवर्स का विरोध
इस घटना के बाद नगर पालिका की टीम ने रात भर उस पागल कुत्ते की तलाश की। वह रात में नहीं मिला, लेकिन सुबह उसे पकड़ लिया गया। इस दौरान कुछ तथाकथित ‘डॉग लवर्स’ ने टीम का तीखा विरोध किया। जब नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे को इस बात की जानकारी मिली, तो उन्होंने ऐसे विरोध करने वालों का वीडियो बनाने की बात कही, जिसके बाद वे शांत हो गए।
इस घटना के बाद शहर के लोगों में डॉग लवर्स के खिलाफ भी गुस्सा है। उनका मानना है कि कुछ लोग इंसानी जान की कीमत से ज़्यादा कुत्तों की परवाह कर रहे हैं, जबकि रेबीज़ जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर इस समस्या का समाधान करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सड़कों पर रहते हैं दर्जनों कुत्ते
शहर की हर सड़कों पर दर्जनों कुत्ते रहते हैं। पिछले वर्ष नगर पालिका ने कुत्तों को पकड़कर जिलवानी में रखा था, लेकिन वहां बड़ी संख्या में कुत्ते एकत्र होने से व्यवस्था गड़बड़ा गई और डॉग लवर्स के विरोध के बाद इनको छोडऩा पड़ा था। कुत्तों का इतना आतंक है कि रात में रोड पर निकलने में भी डर लगता है। पुराना बस स्टैंड के पास बीती रात करीब पचास कुत्तों का झुंड घूम रहा था, इसके अलावा न्यास कालोनी रोड, नई गरीबी लाइन, लाइन एरिया, सूरजगंज से एमजीएम कॉलेज रोड, नाला मोहल्ला सहित अनेक इलाकों में कुत्तों की बड़ी संख्या है, इनका उपचार बहुत जरूरी है।









