इटारसी। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व आज इटारसी में धूमधाम से मनाया गया। शहर के दो प्रमुख स्थानों—गांधी मिनी स्टेडियम और पुरानी इटारसी के वीर सावरकर स्टेडियम में हजारों की संख्या में लोगों ने एकत्र होकर रावण दहन का दृश्य देखा। दोनों स्थानों पर रावण और मेघनाद के करीब 30 फीट ऊंचे पुतले बनाए गए थे।
गांधी मिनी स्टेडियम में शक्ति पूजन और पुतला दहन
रामलीला दशहरा मैदान (गांधी स्टेडियम) में शाम होते ही लोगों का आना शुरू हो गया था। वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार, मैदान में पहुंचने के बाद भगवान राम और लक्ष्मण ने गुरुद्वारा भवन परिसर में विराजीं माता महाकाली और दुर्गा चौक मंदिर में विराजीं माता भगवती की प्रतिमाओं का शक्ति पूजन किया। मां दुर्गा और मां काली से शक्ति प्राप्त करने के बाद, भगवान राम ने अहंकार और बुराई के प्रतीक रावण का वध किया। वध के उपरांत, रावण और मेघनाद के पुतलों को दहन किया गया। इस दौरान पुतलों के पास भव्य आतिशबाजी की गई, और पुतलों में लगाए गए पटाखों के फटने का रोमांचक दृश्य दर्शकों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। पुतला दहन के बाद रामलीला मंचन में रावण वध के बाद रामजी का अयोध्या पहुंचना और उनका राज्याभिषेक होने तक का मंचन किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था और सम्मान समारोह
दशहरा मैदान में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस इटारसी वीरेंद्र मिश्रा और नगर निरीक्षक पुलिस गौरव बुंदेला ने सुरक्षा की कमान संभाल रखी थी, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद की ओर से आयोजन में सहयोग करने वालों को सम्मानित भी किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में श्री बालकृष्ण लीला मण्डल, वृन्दावन, श्री माता महाकाली समिति, गुरूद्वारा इटारसी, श्री दुर्गा उत्सव समिति, दुर्गा चौक इटारसी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नीलेश कुमार शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस वीरेंद्र मिश्रा, तहसीलदार शक्ति सिंह तोमर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीमतो रितु मेहरा, तथा संचालक आरबी ट्रेडर्स संजीव अग्रवाल आदि शामिल थे।
वीर सावरकर स्टेडियम में भी उमड़ी भीड़
पुरानी इटारसी के वीर सावरकर दशहरा मैदान में भी रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां भी, श्री देवल मंदिर काली समिति पुरानी इटारसी की माता महाकाली की प्रतिमा मैदान में पहुंची, जिनका श्रीराम-लक्ष्मण और हनुमान ने पूजन कर शक्तियां प्राप्त कीं। रामलीला महोत्सव के बाद लंकेश वध किया गया, और तत्पश्चात पुतला दहन किया गया। अतिथियों ने रावण दहन के बाद श्री राम का राज्याभिषेक भी किया। यहां पुरानी इटारसी नगर मंडल अध्यक्ष मयंक मेहतो और उनकी टीम का सराहनीय सहयोग के लिए सम्मान भी किया गया। क्षेत्र के गणमान्यजनों का भी यहां सम्मान किया। दोनों ही स्थानों पर दशहरा मेला देखने और रावण-मेघनाद का पुतला दहन देखने के लिए करीब पंद्रह-पंद्रह हजार लोगों की भीड़ उमड़ी। नर्मदापुरम पत्रकार संघ के अध्यक्ष प्रमोद पगारे ने दशहरा महोत्सव समारोह का संचालन किया।
अगले वर्ष से रहेगी पूजन की ये व्यवस्था
इटारसी में वर्षों से एक परंपरा रही है कि दुर्गा चौक की दुर्गा जी और गुरुद्वारा भवन की काली जी मैदान में पहुंचती हैं और यहां श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान इनकी पूजा करके शक्ति प्राप्त करते हैं और फिर रावण का वध और दहन किया जाता है। प्रतिमाएं पहुंचने में कई बार विलंब होता है। इस बार भी रावण दहन 8 बजे के स्थान पर 9:35 बजे हुआ। नयी व्यवस्था में भगवान स्वयं रथ पर प्रतिमा स्थापना स्थल पर जाकर पूजन करेंगे और फिर आकर रावण वध और दहन होगा तो निर्धारित समय पर सारी प्रक्रियाएं हो जाएंगी।
आयोजन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक इटारसी-नर्मदापुरम, मुख्य अतिथि डॉ. सीतासरन शर्मा, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अध्यक्षता पंकज चौरे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमति रितु मेहरा, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राहुल चौरे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रवि जायसवाल, नगर पालिका उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीलम गांधी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पाण्डेय, पार्षद मनजीत कलोसिया, राहुल प्रधान, मनीषा अग्रवाल, मीरा यादव, शुभम गौर, गीता पटेल, एडवोकेट रमेश धुरिया, देवेंद्र पटेल, राजकुमार यादव, जसवीर छाबड़ा, अभिषेक कनोजिया, कुंदन गौर, अमित विश्वास, राकेश जाधव, हनु बंजारा, राजकुमार बाबरिया सहित परिषद के अनेक पार्षद और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।









