इटारसी। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल करते हुए इटारसी नगरपालिका ने ‘वेस्ट टू वंडर’ (कचरे से कमाल) की अवधारणा पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, ‘स्वच्छता ही सेवा है’ अभियान के तहत ई-वेस्ट से इटारसी का एक खास शुभंकर (Mascot) तैयार किया गया है, जो अब शहर की पहचान बनेगा।
कचरे से कला का अनूठा प्रयोग
इस शुभंकर के निर्माण में पुराने कीबोर्ड, कंप्यूटर के पुर्जे, कबाड़, लोहे की चादरें और पीवीसी पाइप जैसी अनुपयोगी वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया है। यह पहल ‘रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल’ (3 आर) के सिद्धांत पर आधारित है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कचरे से भी रचनात्मक और आकर्षक चीजें बनाई जा सकती हैं। नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने बताया कि इस शुभंकर के जरिए शहरवासियों को स्वच्छता मिशन से जोड़ा जाएगा और यह आने वाले समय में इटारसी के लिए गौरव का प्रतीक बनेगा।
नागरिकों का मिल रहा है सहयोग
सीएमओ श्रीमती ऋतु मेहरा ने बताया कि नगरपालिका पहले भी अनुपयोगी सामान से कलाकृतियां बनाकर पार्कों में स्थापित कर चुकी है, जिन्हें लोगों ने काफी सराहा है। इसी कड़ी में अब ई-वेस्ट को भी कला का हिस्सा बनाया जाएगा। श्रीमती मेहरा ने कहा कि नगरपालिका के जागरूकता अभियानों का असर अब दिख रहा है, क्योंकि कई नागरिक भी अनुपयोगी चीजों को फेंकने की बजाय उनका सही इस्तेमाल कर रहे हैं। कई घरों में लोग अब कचरे से जैविक खाद बनाकर अपने गमलों में उपयोग कर रहे हैं। यह एक बड़ा बदलाव है, जो दर्शाता है कि लोग स्वच्छता के प्रति गंभीर हो रहे हैं। यह पहल दिखाती है कि नगरपालिका और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही ‘स्वच्छ इटारसी, सुंदर इटारसी’ का सपना साकार हो सकता है।









