- बिरसा मुंडा महाविद्यालय के एनएसएस शिविर का चौथा दिन स्वच्छता और जल संरक्षण पर रहा केंद्रित
सुखतवा/इटारसी। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम रेसल पाठा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों ने सेवा और ज्ञान का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। इस दौरान स्वच्छता ही सेवा अभियान के साथ-साथ बौद्धिक सत्र में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को जीवन के व्यावहारिक मूल्यों से अवगत कराया।
सफलता में घमंड के लिए जगह नहीं
शिविर के चौथे दिन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्तर के प्रेरक वक्ता एवं साहित्यकार अशोक जमनानी रहे। उन्होंने सामाजिक शिक्षा और गरीबी उन्मूलन विषय पर बोलते हुए कहा कि आगे बढऩे के लिए केवल भाषणों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा और सामान्य ज्ञान ही वह सही रास्ता है जो हमें मंजिल तक ले जाता है।
श्री जमनानी ने रवींद्रनाथ टैगोर और पंडित रविशंकर शुक्ल जैसे मनीषियों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये महापुरुष अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहे, इसीलिए उन्हें सफलता मिली। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनी सफलता पर विश्वास रखें, लेकिन उसे घमंड में न बदलने दें।
स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश
शिविरार्थियों की दिनचर्या प्रात: 5:30 बजे प्रभात फेरी और योग अभ्यास से शुरू हुई। इसके बाद परियोजना कार्य के तहत स्वयंसेवकों ने ग्राम रेसल पाठा में सघन स्वच्छता अभियान चलाया। बाजार और सार्वजनिक स्थलों से कचरा एकत्रित कर उसका निपटान किया और ग्रामीणों को प्लास्टिक मुक्त जीवन की शपथ दिलाई गई। स्वयंसेवकों ने सोख्ता गड्ढों की मरम्मत की और ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक किया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें ग्रामीणों को शिक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए। वहीं श्रीमती कामधेनु पटोदिया ने सामाजिक बदलाव पर चर्चा की और श्री आयुष सादराम ने भारत सरकार की वित्त एवं बीमा योजनाओं की जानकारी दी।
सांस्कृतिक संध्या और खेल
दिन भर के श्रमदान के बाद शाम को मनोरंजन और संस्कृति का तड़का लगा। स्वयंसेवकों ने रुमाल झपट्टा जैसे पारंपरिक खेल खेले और रात को ग्रामीणों के साथ देशभक्ति व लोकगीतों पर नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर वरिष्ठ स्वयंसेवक विष्णु सेन, मोनिया, शिविर नायक मोनू यादव, स्नेहा मांडवी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।










