इटारसी। भगवान बिरसामुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा में आज पोषण माह के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना, स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मोटे अनाज से बनने वाले भोजन प्रतियोगिता तथा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत के मार्गदर्शन और हृस्स् अधिकारी डॉ. राधा आशीष पांडे के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में महिला एवं बाल विकास विभाग से सीनियर सुपरवाइजर कविता चौधरी और रेखा मालवीय उपस्थित रहीं।
फास्ट फूड से बचें, ग्रामीण भोजन अपनाएं
प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों को मोटे अनाज का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बाजार के फास्ट फूड शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं और उनका भविष्य सीमित होता है। उन्होंने छात्रों से ग्रामीण अंचल में उपलब्ध भोजन सामग्री का अधिक से अधिक उपयोग करने का आग्रह किया।
मोटे अनाज के फायदे
सीनियर सुपरवाइजर कविता चौधरी ने मोटे अनाज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनमें फाइबर, कार्बोहाइड्रेट एवं विटामिन प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहयोग करते हैं। रेखा मालवीय ने स्वस्थ शरीर के लिए भोजन में प्रतिदिन हरी पत्तेदार सब्जियाँ, विटामिन और मिनरल्स शामिल करने की सलाह दी।
प्रतियोगिता के परिणाम
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा मोटे अनाज से बने भोजन पदार्थों की एक आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, साथ ही ‘मोटे अनाज स्वस्थ समाज’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विजेताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
- पोषण थाली प्रतियोगिता : प्रथम स्नेहा यादव, शिवानी कुमरे, शिवानी सलाम और ज्योति कुरकांजी।
- निबंध प्रतियोगिता : संयुक्त प्रथम कुमारी तुलसी यादव, शुभांगी कलमे, द्वितीय कुमारी करिश्मा उइके, तृतीय लीलावती कलमे।
विजेताओं को प्रमाण पत्र महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. राजपूत, श्रीमती कामधेनु पटोदिया, कविता चौधरी और रेखा मालवीय के हाथों वितरित किए गए। पोषण थाली कार्यक्रम में डॉ. हिमांशु चौरसिया, डॉ. सौरभ तिवारी और कामधेनु पाटोदिया ने निर्णायक की भूमिका निभाई। संचालन डॉ. राधा आशीष पांडे ने, तथा आभार संध्या उपाध्याय ने ज्ञापित किया।








