इटारसी। नगर पालिका परिषद के सब इंजीनियर आदित्य पांडेय ने आज पूर्व पार्षद और सफाई कर्मचारी नेता महेश आर्य के नई गरीबी लाइन स्थित आवास की नापजोख कराई। यह कार्रवाई महेश आर्य के खिलाफ अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद की गई।
1500 वर्ग फुट पर कब्जा, 800 का पट्टा
नगर पालिका सूत्रों के अनुसार, नापजोख के दौरान महेश आर्य का कब्जा करीब 1500 वर्ग फुट पर पाया गया, जबकि उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद सिर्फ 800 वर्ग फुट का ही पट्टा जमा कराया है। नगर पालिका परिषद के सब इंजीनियर आदित्य पांडेय का कहना है कि महेश आर्य ने 800 वर्ग फुट के अलावा एक 600 वर्ग फुट का पट्टा और होने की बात कही है। उनको बताये अनुसार दूसरा पट्टा भी जमा कराना चाहिए।
द्वेषपूर्ण कार्रवाई और राजनीतिक चुप्पी की कोशिश
इधर, पूर्व पार्षद महेश आर्य ने इस कार्रवाई को द्वेषपूर्ण करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास दो वैध पट्टे हैं— एक 800 वर्ग फुट का अपनी मां के नाम पर और दूसरा 600 वर्ग फुट का अपने छोटे भाई के नाम पर। महेश आर्य ने कहा, यदि कहीं कोई हिस्सा थोड़ा बहुत ज्यादा होगा तो मैं उसे स्वयं तोड़ दूंगा, लेकिन आसपास में अतिक्रमण तो ज्यादातर लोगों ने कर रखा है, फिर सिर्फ हमारे घर पर ही क्यों नापजोख की जा रही है? यह कार्रवाई केवल इसलिए की जा रही है क्योंकि मैं इन दिनों सफाई कर्मचारियों के हितों के लिए लगातार आवाज उठा रहा हूं और नगर पालिका के समक्ष उनकी कई मांगें रख चुका हूं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
नगर के राजनीतिक गलियारों में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। महेश आर्य पूर्व में कांग्रेस में थे और उन्होंने कुछ ही महीने पहले भाजपा जॉइन की थी। हालांकि, भाजपा में आने के बाद भी वे न तो पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई देते हैं और ना ही नगर पालिका के पक्ष में। इसके बजाय, वह नगर पालिका के खिलाफ लगातार मुखर बने हुए हैं। नगर में यह चर्चा जोरों पर है कि संभवत: महेश आर्य को चुप कराने के उद्देश्य से ही उन पर इस तरह का दबाव बनाया जा रहा है।








