इटारसी। जीनियस प्लेनेट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 50 विद्यार्थियों ने हाल ही में चंडीगढ़ और कुल्लू मनाली का एक यादगार और ज्ञानवर्धक शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह टूर 2 अक्टूबर को इटारसी से रवाना हुआ और छात्रों को प्रकृति के अद्भुत नजारों और रोमांचक अनुभवों से रूबरू कराया।
हिमाचल में स्नोफॉल और ‘हेवन’ का अनुभव
स्कूल की डायरेक्टर मनीता सिद्दीकी और शिक्षक-शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में, छात्र-छात्राओं ने अंबाला और चंडीगढ़ होते हुए मनाली की यात्रा की। मनाली पहुंचकर, विद्यार्थियों ने हिडम्बा टेम्पल, वशिष्ठ कुंड और बौद्ध मॉनेस्ट्री के इतिहास को जाना और शाम को मॉल रोड पर आनंद लिया।
इस टूर का सबसे रोमांचक पल तब आया जब छात्र रोहतांग के लिए निकले, लेकिन गुलाबा नामक स्थान पर उन्हें इस सीजन की पहली बर्फबारी (स्नोफॉल) देखने को मिली। बर्फ से ढके पहाड़ों को देखकर सभी विद्यार्थी खुशी से झूम उठे। कई छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस स्नोफॉल और मनाली के मनमोहक वातावरण ने उन्हें सचमुच ‘हेवन’ (स्वर्ग) जैसी अनुभूति दी।
एडवेंचर स्पोर्ट्स और व्यवहारिक ज्ञान
मनाली के बाद, छात्रों ने रोमांच को दोगुना करने के लिए सोलंग वैली का रुख किया। यहां उन्होंने सुंदर दृश्यों का आनंद लेने के साथ-साथ रॉकेट बंजी, जायंट स्विंग और जिप लाइन जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी भरपूर मजा लिया। वापसी के दौरान, विद्यार्थियों ने कुल्लू की शॉल फैक्ट्री देखी और चंडीगढ़ के सेक्टर 22 में जमकर शॉपिंग की और तरह-तरह के फूड आइटम्स का लुत्फ उठाया। यात्रा का मुख्य आकर्षण स्नोफॉल के प्रत्यक्ष अनुभव के अलावा, टीचिंग स्टाफ द्वारा होटल में आयोजित कैंप फायर का शानदार मनोरंजन भी रहा।
स्कूल संचालक ने बताया ट्रिप का महत्व
स्कूल संचालक जाफर सिद्दीकी ने इस ट्रिप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के पढ़ाई के तनाव को कम करते हैं और उन्हें दुनियादारी का व्यावहारिक ज्ञान देते हैं, जो वे किताबों से नहीं सीख पाते। उन्होंने कहा, ‘ऐसे भ्रमण से बच्चे सेल्फ मैनेजमेंट और टाइम मैनेजमेंट जैसी जीवन की महत्वपूर्ण बातें सीखते हैं, जो उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित होती हैं।’ इस सफल ट्रिप में स्कूल की डायरेक्टर मनीता सिद्दीकी, कृष्णा साहू, नीरज चौरे, अल्पना चौरे और खुशी सिद्दीकी का सराहनीय योगदान रहा।









