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गैस संकट : इटारसी के होटलों में अब फिर लौटेगा ‘कोयला और लकड़ी का दौर’?

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इटारसी। देश में गहराए ऊर्जा संकट ने इटारसी के खान-पान उद्योग को दशकों पीछे धकेलने की स्थिति पैदा कर दी है। केंद्र सरकार के ताजा फैसले के बाद अब बाजार में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसका सीधा असर यह होगा कि शहर के प्रमुख होटलों और रेस्टोरेंट्स में अब गैस की भट्टियां खामोश हो जाएंगी और व्यापारियों को मजबूरी में पारंपरिक ईंधन यानी लकड़ी और कोयले की ओर लौटना पड़ सकता है।

बाजार से कमर्शियल सिलेंडर गायब

खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के नए दिशा-निर्देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब एलपीजी का उपयोग केवल घरों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों तक ही सीमित रहेगा। इटारसी की गैस एजेंसियों के पास कमर्शियल स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है। एजेंसी संचालक के मुताबिक, नई खेप में केवल घरेलू सिलेंडर ही प्राप्त हुए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी अब एक रिफिल के बाद दूसरे सिलेंडर के लिए 25 दिनों का लंबा इंतजार करना होगा।

पूड़ी लाइन और कैटरिंग व्यवसाय पर तालाबंदी का साया

इटारसी जैसे बड़े जंक्शन पर यात्रियों की लाइफलाइन कहे जाने वाले अन्नपूर्णा मार्केट (पूड़ी लाइन) के संचालकों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष ठाकुर और रेस्टोरेंट संचालक राजकिशोर दुबे का कहना है कि अचानक आई इस रोक से व्यापार ठप होने की कगार पर है। वहीं, टेंट एवं गार्डन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शेख शकील ने बताया कि शादियों के सीजन में कैटरिंग के ऑर्डर पूरे करना अब चुनौती बन गया है, क्योंकि हलवाइयों के पास भट्टियां जलाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं है।

बिजली और सोलर चूल्हों का करें उपयोग

संकट को देखते हुए जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने व्यापारियों को ‘वैकल्पिक ईंधन’ अपनाने की सलाह दी है। कलेक्टर के निर्देशों के बाद अब एसडीएम और खाद्य अधिकारियों की टीम होटलों का निरीक्षण करेगी और उन्हें इंडक्शन, सोलर कुकर या बायो-गैस जैसे विकल्पों पर शिफ्ट होने के लिए प्रेरित करेगी। हालांकि, व्यापारियों का तर्क है कि बड़े पैमाने पर भोजन तैयार करने के लिए तत्काल बिजली के भारी उपकरणों की व्यवस्था करना आर्थिक रूप से बेहद खर्चीला है।

रेलवे का ‘गैस-मुक्त’ मिशन

ईंधन की इस किल्लत के बीच आईआरसीटीसी ने दूरगामी फैसला लिया है। देश के सभी प्रमुख स्टेशनों पर अब गैस का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित करने की तैयारी है। वेंडर्स को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल इंडक्शन और माइक्रोवेव का ही प्रयोग करें। मार्च के इस दौर में यात्रियों को खाने की कमी न हो, इसके लिए स्टेशनों पर रेडी टू ईट भोजन की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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