इटारसी। समाज में महिला सुरक्षा और धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दों के प्रति जागरूकता लाने जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के सौजन्य से केसला क्षेत्र की बालिकाओं और छात्राओं को फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ दिखाई गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ‘लव जिहाद’ जैसे कथित खतरों और प्रलोभन में आकर होने वाले धर्म परिवर्तन के प्रति सचेत करना था।
वास्तविक घटनाओं पर आधारित है फिल्म का संदेश
फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ उन महिलाओं की कहानियों से प्रेरित है, जिन्हें कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाकर और गुमराह कर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया। फिल्म के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि किस प्रकार योजनाबद्ध तरीके से भोली-भाली लड़कियों का ब्रेनवॉश किया जाता है। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि समाज को जागरूक करने और अपनी बेटियों को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी फिल्मों का प्रदर्शन आवश्यक है।
हिंदू संस्कृति और धर्म की रक्षा का आह्वान
फिल्म प्रदर्शन के पश्चात आयोजित चर्चा में केसला मंडल अध्यक्ष सुशील बरकड़े, जनपद अध्यक्ष गंगा राम कालमे और समाजसेवी जगदीश बावरिया ने बालिकाओं को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू बालिकाएं अपनी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली धर्म के प्रति गर्व महसूस करें और किसी भी बाहरी बहकावे में न आएं।
समाजसेवी अजय साहू, राजेश बामने और श्याम यादव ने भी बालिकाओं को आत्मरक्षा और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सजगता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या समूह प्रलोभन देने की कोशिश करे, तो तत्काल अपने अभिभावकों या वरिष्ठों को सूचित करें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे ताकि क्षेत्र की बेटियों को सुरक्षित और जागरूक बनाया जा सके।









