इटारसी। तहसील इटारसी के ग्राम सोनतलाई में आयोजित सात दिवसीय कोयापुनेम धर्म दर्शन (गोंडी गाथा) कायक्रम का 23 जनवरी को उत्साह और धूमधाम के साथ समापन हुआ। 17 जनवरी से शुरू हुए इस आयोजन ने क्षेत्र में गोंडी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गोंडी गाथा और धर्म दर्शन
कार्यक्रम के अंतिम दिन गोंडी पुणेमचार्य तिरुमाल शंकर शाह इरपाचे जी ने ग्राम के सभी देवी-देवताओं के महत्व और इतिहास के बारे में विशेष जानकारी दी। समापन पर हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान गाई गई गोंडी गाथाओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया।
सामाजिक सुधार का संदेश
धार्मिक चर्चा के साथ-साथ इस आयोजन में सामाजिक बुराइयों पर भी प्रहार किया गया। कार्यक्रम के दौरान चर्चा की गई कि किस प्रकार आदिवासी समाज के कुछ लोग शराब के व्यसन के कारण अपना और अपने परिवार का भविष्य बिगाड़ रहे हैं। समुदाय को इस कुरीति से दूर रहने और एकजुट होकर विकास की मुख्यधारा से जुडऩे का आह्वान किया गया।
दो महीने की मेहनत लाई रंग
समिति के सदस्यों ने बताया कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए वे पिछले 2 महीनों से लगातार तैयारी कर रहे थे। समिति की मेहनत और स्थानीय समुदाय के सहयोग से यह कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। आयोजन का समापन बड़ादेव की भव्य आरती के साथ हुआ।









