इटारसी। यात्री ट्रेनों में मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को जीआरपी इटारसी ने गिरफ्तार किया है। आरोपी, जो चोरी के मोबाइल से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर महंगी वस्तुएं खरीदता था, उसके पास से करीब 20 लाख 10 हजार 800 रुपये का माल बरामद किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल, राहुल कुमार लोढ़ा के विशेष अभियान के तहत की गई।
कैसे हुआ खुलासा
पूरा मामला 3 अगस्त, 2025 का है, जब भोपाल की एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत महिला, राजधानी एक्सप्रेस से बेंगलुरु जा रही थी। इटारसी स्टेशन पहुंचने से पहले, उनका बैग, जिसमें एक सैमसंग मोबाइल, 10 ग्राम सोने की चेन और अन्य सामान थे, चोरी हो गया। इस मामले की शिकायत बेंगलुरु जीआरपी में की गई, जिसे बाद में इटारसी जीआरपी को ट्रांसफर कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने तत्काल थाना प्रभारी संजय चौकसे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। टीम ने साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच शुरू की।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
जांच के दौरान, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इटारसी रेलवे स्टेशन के पार्सल ऑफिस के पास एक संदिग्ध व्यक्ति महंगे मोबाइल सस्ते में बेच रहा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपनी पहचान शौकत अली (उम्र 24 साल), निवासी बारामूला, जम्मू-कश्मीर के रूप में बताई। सख्ती से पूछताछ करने पर, उसने यात्री ट्रेनों में चोरी की कई वारदातों को स्वीकार किया। उसने बताया कि वह यात्रियों के सोते समय उनके मोबाइल चुरा लेता था।
चोरी और ठगी का अनोखा तरीका
आरोपी ने बताया कि वह आसान पासवर्ड वाले मोबाइलों से पेमेंट ऐप्स इंस्टॉल कर लेता था। इसके बाद वह खातों से रकम निकालकर ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड खरीदता था और फिर उनसे प्रीमियम मोबाइल फोन (जैसे आईफोन) खरीदता था। इन महंगे फोन्स को वह कम दाम में बेचकर पैसे को कैश में बदलता था। इस तरह, वह पकड़े जाने से बचने एक मल्टीलेयर सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा था।
क्या-क्या हुआ बरामद
आरोपी के पास से पुलिस ने एक ट्रॉली बैग बरामद किया, जिसमें एक सोने की चेन, 12 नए आईफोन, 12 अन्य प्रीमियम स्मार्टफोन (सैमसंग, वीवो, रियलमी, मोटोरोला आदि) और एक लेनोवो कंपनी का लैपटॉप मिला। बरामद की गई सोने की चेन वही है जो राजधानी एक्सप्रेस में चोरी हुई थी। अन्य मोबाइल और लैपटॉप भी चोरी के हैं।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
शौकत अली का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ इटारसी, भोपाल और तमिलनाडु के धर्मापुरी में भी चोरी और ठगी के मामले दर्ज हैं।पुलिस अधीक्षक ने इस सफल कार्रवाई के लिए टीम में शामिल सभी अधिकारियों और जवानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी संजय चौकसे, प्र.आर. रानू अतुलकर, विष्णुमूर्ति शुक्ला, दीपक सेन, अमित कौशिक और साइबर सेल के अमित सक्सेना सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।









