- हमें सदैव सम्पूर्ण आहार अच्छे स्वास्थ के लिए लेना चाहिए : डॉ नीता राजपूत
इटारसी। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय सुखतवा में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ रेड रिबन क्लब रेड क्रॉस सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने की तथा मुख्य वक्ता के रूप में महिला बाल विकास विभाग के योगेश घाघरे ने उपस्थित विद्यार्थियों स्वयंसेवकों और उपस्थित स्टाफ को संबोधित किया। योगेश घाघरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत जैसे विकासशील देश में पोषण का प्रश्न केवल स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि मानवाधिकार और संवैधानिक अधिकार से भी जुड़ा हुआ है। हमें स्वस्थ रहने के लिए सदैव संपूर्ण भोजन ग्रहण करना चाहिए जिससे हमारा मानसिक एवं शारीरिक विकास पूर्ण रूप से हो सके।
आज के समय में जो युवा पीढ़ी है वह फास्ट फूड की तरफ ज्यादा आगे बढ़ रही है। पैकेट में बंद भोजन को वह ज्यादा प्राथमिकता देते हैं क्योंकि वह स्वाद में अच्छे होते हैं परंतु उसके अंदर डाला हुआ जो केमिकल होता है वह हमारे किडनी और हृदय को बहुत भारी नुकसान पहुंच जाता है तुरंत में तो यह बड़ा स्वादमय लगता है परंतु इसका असर हमें बढ़ती उम्र में धीरे-धीरे देखने को मिलता है इसलिए हमें अपने भोजन में प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट मिनरल्स ग्रीन वेजिटेबल दूध और दूध से बने हुए पदार्थ प्रतिदिन लेना चाहिए। भोजन से पूर्व हमें सलाद का सेवन अवश्य करना चाहिए, उसने हम अपनी प्राकृतिक सब्जियों का उपयोग कर सकते हैं।
कार्यक्रम में महिला बाल विकास की सुपरवाइजर श्रीमती कविता चौधरी ने उपस्थित स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में हम खाद्य से उगे हुए भोजन को कर रहे हैं उसे हमारे शरीर में फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है पता हमें कोशिश या करना चाहिए कि हमें अपने क्षेत्र के अनुसार उगे हुए फसलों से प्राप्त अन्य का हमें उपयोग करना चाहिए और कोशिश यह करना चाहिए कि उसमें जैविक खाद का उपयोग ज्यादा से ज्यादा किया जाए।
उन्होंने अपने उद्बोधन ने बताया कि आजकल भोजन हम जो ग्रहण करते हैं उसे हमारे शरीर की वृद्धि और विकास दोनों में फर्क पड़ता है। इसके पश्चात महाविद्यालय की छात्रा शिवानी धुर्वे ने विभिन्न प्रकार के भोजन के विकल्पों से सभी को अवगत कराया और बताया कि हमें सभी प्रकार के स्वच्छ एवं स्वस्थ तथा ताजा भोजन हमेशा करना चाहिए। छात्र संजय काजले ने मोटे अनाज के विषय में सदन को अवगत कराया और बताया कि हमें अनाजों को मोटा पीस जाकर भोजन में उपयोग में किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ नीता राजपूत ने अपने उद्बोधन में बताया कि आज के समय जो भी लक्ष्य भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने एक लक्ष्य हम सभी को दिया है की वर्ष 2047 तक पूरा मध्य प्रदेश के साथ पूरा भारतवर्ष स्वस्थ एवं उत्कृष्ट जीवन के साथ विकसित भी बनेगा प्रचार महोदय ने बताया हमें पूर्ण वक्ताओं ने जिस प्रकार के भोजन को प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया है उसे हम अपने जीवन में यदि उतार ले तो हम कभी भी बीमार नहीं होंगे और अपने परिवार और समाज के लिए एक आदर्श और मिल का पत्थर साबित होंगे।
महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ राधा आशीष पांडे ने बताया कि भारत सरकार के द्वारा समस्त स्कूलों में चलाए जा रहे मध्यान भोजन योजना का उद्देश्य भी यही है कि अध्यनरत विद्यार्थियों को उत्तम भोजन प्राप्त हो सके तथा उनका स्वास्थ्य अच्छा बना रहे। विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के आयुष सदाराम ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वामी विवेकानंद जो कि युवाओं के प्रेरणा स्रोत है वह भी हमेशा मोटे अनाज को भोजन में तथा प्राकृतिक उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा उपयोग में लेते थे, जिसके कारण वह हमेशा युवा बने रहे और हम सभी के आदर्श भी वही है।
इस कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिवार एवं अन्य आमजन उक्त कार्यक्रम में उपस्थित रहे । मंच का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ राधा आशीष पांडे के द्वारा किया गया तथा आभार डॉ प्रवीण कुशवाहा के द्वारा ज्ञापित किया गया।









