इटारसी। नगरपालिका परिषद इटारसी के इतिहास में पहली बार, मंगलवार को आयोजित साधारण व्यापक सम्मेलन (साधारण सभा) में अध्यक्ष पंकज चौरे ने पीआईसी (प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल) द्वारा लिए सभी निर्णयों की पूरी जानकारी परिषद के समक्ष चर्चा के लिए रखी। इस ऐतिहासिक कदम को पार्षदों ने सहमति दी और इसे नगरपालिका की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया है। कुल 35 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें से 32 सर्वसम्मति से पास किए, दो प्रस्ताव स्थगित हुए, और एक प्रस्ताव हाईकोर्ट के स्टे के कारण विलोपित कर दिया गया।
पारदर्शिता का ‘ऐतिहासिक कदम’
नपा अध्यक्ष पंकज चौरे ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अभी तक अध्यक्ष और सात सभापतियों को छोड़कर किसी भी पार्षद को पीआईसी के निर्णयों की जानकारी नहीं होती थी। उन्होंने कहा, ‘हमने पारदर्शिता दिखाते हुए सबके सामने सबकुछ निर्णय रख दिए हैं। इससे आने वाली परिषदों को भी पारदर्शिता रखनी होगी।
मुख्य पारित निर्णय और सख्ती
परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्णय लिए गए।
- अतिक्रमण पर जुर्माना : सड़कों पर बेतरतीब खड़े फल के ठेलों और अन्य व्यापार पर प्रथम बार 1000, द्वितीय बार 2000, तृतीय बार 3000 जुर्माना। जब्त सामान सरकारी अस्पताल/वृद्धाश्रम भेजा जाएगा।
- राजस्व वसूली : 31 मार्च 2026 तक 75 प्रतिशत कर वसूली का लक्ष्य। कम शेष राशि संबंधित कर्मचारी के वेतन से काटी जाएगी।
- अवैध कनेक्शन : वैध करने की प्रक्रिया शुरू होगी और जल कर वसूला जाएगा। लक्ष्य पूरा न होने पर वार्ड प्रभारी व पंप ऑपरेटरों के वेतन से कटौती की जाएगी।
- पीएम आवास योजना : आजाद नगर में बन रहे एलआईजी भवन निर्माण के लिए ठेकेदार (भुपतानी एसोसिएट) को एक वर्ष का एक्सटेंशन दिया गया।
- आइकॉनिक शौचालय : निर्माण अब बस स्टैंड पर मौजूद पुराने शौचालय को तोड़कर उसके स्थान पर किया जाएगा।
- शौचालय शुल्क : सार्वजनिक सुलभ शौचालय में स्नान और शौच के लिए 10 रुपए शुल्क तय किया गया।
- गरीबों की अंत्येष्टि : बेसहारा मृतकों की अंत्येष्टि के लिए शांतिधाम समिति को 3 लाख की लकड़ी उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। जरुरतमंद की मदद के लिए पार्षद सीधे अध्यक्ष को फोन करेंगे।
ट्यूबवेल जल उपभोक्ता प्रभार पर स्थगित
प्रस्ताव क्रमांक 04, जिसमें ट्यूबवेल धारकों से जल उपभोक्ता प्रभार लेने पर चर्चा होनी थी, पार्षदों के भारी विरोध के कारण स्थगित कर दिया गया। भाजपा पार्षद शिवकिशोर रावत, मनीषा अग्रवाल, कांग्रेस पार्षद दिलीप गोस्वामी, धर्मदास मिहानी और अन्य ने इसका विरोध किया। सभापति राकेश जाधव ने सुझाव दिया कि यह प्रभार केवल गर्मी के दिनों में टेंकरों से पानी देने की स्थिति में लिया जाए, जिसके बाद अध्यक्ष ने इसे स्थगित कर दिया।
बिजली कंपनी को एनओसी के बिना काम न करने की चेतावनी
प्रस्ताव क्रमांक 20 (पोल व डीपी शिफ्टिंग) पर चर्चा के दौरान सभापति राकेश जाधव ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि नगर पालिका बिजली कंपनी से कहे कि वह बिना नगरपालिका से एनओसी प्राप्त किए कहीं भी ट्रांसफार्मर व पोल नहीं लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी कथित तौर पर प्राइवेट कॉलोनाइजरों/मॉल संचालकों से मिलकर सरकारी स्थान पर खंभे लगा रही है, जबकि उन्हें इन्हें निजी परिसर के अंदर लगाना चाहिए।
केंद्रीय मुद्दों पर भी प्रस्ताव पारित
परिषद की बैठक में तीन केंद्रीय मुद्दों पर भी प्रस्ताव पारित किए गए। जीएसटी दरें कम करने पर केंद्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया। आम नागरिकों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की गई। एक राष्ट्र, एक चुनाव के प्रस्ताव का भाजपा और कांग्रेस दोनों ने समर्थन करते हुए प्रस्ताव पारित किया। एफआईआर दर्ज न होने पर कोर्ट जाने का निर्णय वर्ष 2016-17 के फर्जी रसीद बुक से संबंधित मामलों में कर्मचारियों (रमेश दुबे, सहायक राजस्व निरीक्षक, कल्लू सिंह ठाकुर, भृत्य) पर सिटी थाने में एफआईआर दर्ज न होने पर परिषद ने मामले को कोर्ट में प्रतिवाद के तौर पर प्रस्तुत करने का निर्णय लिया।








