इटारसी। मां नर्मदा महाविद्यालय में सृष्टि हार्टीकल्चर एंड कंसल्टेंसी ने एक वृक्ष मां के नाम अभियान के तहत उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण कार्यशाला में विद्यार्थियों को आधुनिक बागवानी, जैविक खेती और पौधों के संरक्षण की नई तकनीकों से अवगत कराया।
एक माह में तैयार होगा कलमी आम
कार्यशाला में विशेष रूप से प्रांकलन कलम विधि पर चर्चा की गई। रिटायर्ड उद्यान विकास अधिकारी एसके महलहा ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से देसी आम का पौधा महज एक माह में तैयार किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को अमृत जल, जैविक खाद और जैविक कीटनाशकों के उपयोग के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
छत पर बागवानी और हाइड्रोपोनिक सिस्टम का प्रशिक्षण
सृष्टि हार्टीकल्चर की अनुशा शर्मा ने नवाचारों पर जोर देते हुए बताया कि आज के समय में छत पर बागवानी बिना मिट्टी की खेती और वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग कर वर्टिकल गार्डन तैयार करना पर्यावरण सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुसार नवग्रह वाटिका तैयार करने के बारे में भी प्रशिक्षण दिया।
शासकीय योजनाओं की जानकारी
केसला के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी केके रघुवंशी ने केंद्र और राज्य शासन द्वारा उद्यानिकी के क्षेत्र में चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्र कैसे इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार से जुड़ सकते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष योगेन्द्र राजपूत और विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पालिका उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत उपस्थित रहे।
अतिथियों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। संचालन शहनाज नजमी ने और आभार प्रदर्शन बीएड संकाय प्रभारी शैलेन्द्र गौर ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय संचालक दीपक हरिनारायण अग्रवाल, स्कूल संचालिका अनिता अग्रवाल, प्राचार्य संतोष यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे।









