इटारसी। जयस्तंभ चौक पर अक्सर कांग्रेस नेता और सेवादल यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानन (गज्जू) तिवारी दूसरों के हक के लिए धरने पर बैठते हैं, आज वहीं उनके ही पड़ोस में रहने वाला एक युवक उनके खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठ गया है। नेहरूगंज निवासी कपिल यादव ने तिवारी पर मकान कब्जाने और प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
प्रशासनिक चौखट से जयस्तंभ तक
कपिल यादव का कहना है कि उन्होंने न्याय के लिए एसपी से लेकर एसडीएम दफ्तर तक के चक्कर काटे, लेकिन जब सरकारी तंत्र से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। कपिल के अनुसार, उनके छोटे भाई के स्वामित्व वाले मकान पर गजानन तिवारी ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। पीडि़त का आरोप है कि उन्हें न केवल घर में घुसकर धमकाया जा रहा है, बल्कि अजाक थाने में उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराकर मानसिक रूप से प्रताडि़त भी किया जा रहा है। मामला इतना गंभीर हो चुका है कि पीडि़त ने सपरिवार इच्छा मृत्यु के लिए शासन को आवेदन सौंप दिया है।
छवि खराब करने की साजिश : गज्जू तिवारी का पलटवार
इस पूरे विवाद पर जब न्यूज टीम ने गजानन तिवारी का पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने इन आरोपों को मनगढ़ंत करार दिया। फिलहाल निजी कारणों से शहर से बाहर मौजूद तिवारी ने फोन पर बताया, मेरे परिवार ने उनके छोटे दादा से वह पुराना खपरैल मकान बकायदा खरीदा था। वहां रहने वाले किरायेदारों से मकान खाली कराकर उसे ढहाया गया है। मैं अपनी ही खरीदी हुई जमीन पर काबिज हूं। उन्होंने आगे कहा कि वे हमेशा जनता के हितों के लिए लड़ते आए हैं और किसी का बुरा करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। तिवारी ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने की साजिश बताया है।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
जयस्तंभ चौक पर टेंट लगाकर बैठे कपिल यादव की भूख हड़ताल ने शहर के सियासी पारे को गरमा दिया है। एक तरफ रसूखदार नेता का पक्ष है और दूसरी तरफ एक आम नागरिक की इच्छा मृत्यु तक की मांग। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस हाई-प्रोफाइल विवाद को सुलझाने के लिए क्या रुख अपनाता है।









