सिवनी मालवा। सोशल मीडिया पर पत्रकारों के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने और उनकी छवि खराब करने के मामले में नगर के पत्रकारों ने आज एकजुट होकर जिला प्रशासन और पुलिस को ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब ग्राम चतरखेड़ा निवासी पवन रघुवंशी (भोला) ने एक समाचार की कटिंग को सोशल मीडिया (व्हाट्सएप और फेसबुक) पर डालकर पत्रकारों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। इसके बाद कुछ अन्य लोगों ने भी उस पोस्ट पर आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणियां (गाली-गलौच) कीं।
धरने से जुड़ा है मामला
ज्ञापन में बताया गया है कि यह घटना हाल ही में हुए एक धरने से जुड़ी है, जिसमें धरना आयोजकों ने पत्रकारों को जानकारी नहीं दी थी। इसी वजह से धरने की खबर प्रकाशित नहीं हो पाई थी। जब समाचार पत्रों में अन्य खबरें छपीं, तो पवन रघुवंशी ने उनकी कटिंग डालकर पत्रकारों पर टिप्पणी की। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान भी किसानों को भड़काया गया था और बिना अनुमति के कृषि विभाग के कार्यालय के सामने विधायक, सांसद और एसडीएम के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए नारेबाजी की गई थी।
प्रशासन को चेतावनी
पत्रकारों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम सरोज परिहार को जिला कलेक्टर के नाम और थाने में एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान को पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, जिन लोगों ने भद्दे कमेंट्स किए हैं, उनके विरुद्ध आईटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पूरे मामले में कार्रवाई नहीं होती है, तो सिवनी मालवा समेत पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान ज्ञापन देने वालों में विजय सिंह ठाकुर, शशांक मिश्रा, नकुल मालवीय, नंदकिशोर व्यास, संतोष चंदेल, शुभम शर्मा, अमित शर्मा, रौनक अग्रवाल, चंद्रशेखर पुरोहित, संदीप ठाकुर, अरुण कश्यप, राजा तिवारी, विनीत राठी, राम शंकर दुबे, सुरेंद्र गौर, राम शंकर शर्मा, राजू राठौर, विपिन मालवीय, हर्ष चंद्रायण, तापस जोशी, उमेश गौड़ और धीरज शर्मा सहित कई पत्रकार मौजूद थे।









