इटारसी। इंडीविलेज फाउंडेशन (NGO) बैंगलोर द्वारा इटारसी के प्लैटिनम रिजॉर्ट में दो दिवसीय शिक्षण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला नर्सरी से तीसरी कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए थी, जिसका उद्देश्य अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) के तहत बच्चों के बुनियादी ज्ञान को मजबूत करना है।
एसडीएम टी प्रतीक राव (IAS) के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में केसला ब्लॉक के 30 स्कूलों से 30 शिक्षकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य NEP 2020 के तहत ‘निपुण भारत अभियान’ के अंतर्गत आने वाले FLN कार्यक्रम को मजबूत करना है।
इंडीविलेज फाउंडेशन, जो 4 से 8 साल की उम्र के बच्चों की शिक्षा पर काम कर रही है, ने ‘स्टोरी टेलिंग’ (कहानी सुनाना) को सीखने का मुख्य माध्यम बनाया है। इस तरीके से बच्चे खेल-खेल में पढ़ना, लिखना, बोलना और सामाजिक-भावनात्मक कौशल सीख सकेंगे। इससे भारी-भरकम किताबों का बोझ कम होगा और बच्चों की बुनियाद मजबूत होगी।प्रशिक्षण को और भी प्रभावी बनाने के लिए, इंडीविलेज फाउंडेशन की पार्टनर संस्था तितली फाउंडेशन की अनुभवी प्रशिक्षक मीरा ठक्कर ने शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों और कला के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और व्यक्तित्व विकास को समझाने का प्रशिक्षण दिया।
एसडीएम ने शिक्षकों को सराहा
प्रशिक्षण के पहले दिन एसडीएम टी. प्रतीक राव, केसला ब्लॉक की खंड शिक्षा अधिकारी आशा मौर्य और बीआरसी सोनिया ने शिक्षकों से उनके प्रशिक्षण अनुभवों के बारे में जानकारी ली। एसडीएम ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट से निश्चित रूप से बच्चों में शिक्षा का बेहतर विकास होगा। उन्होंने इंडीविलेज फाउंडेशन को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
फाउंडेशन की प्रोग्राम मैनेजर साक्षी यादव ने एसडीएम का स्वागत किया और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर नरेंद्र प्रताप सिंह ने बीईओ और बीआरसी के सहयोग की सराहना की।प्रशिक्षण के दूसरे दिन शिक्षकों ने सीखी गई गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण दिया और स्टोरी टेलिंग सेशन्स के क्रियान्वयन की योजना बनाई। सभी शिक्षकों को तितली और इंडीविलेज फाउंडेशन द्वारा ‘स्टोरी टेलिंग एवरीडे’ का प्रमाण पत्र दिया गया। इस दो दिवसीय कार्यशाला का समापन सभी प्रतिभागियों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।









