इटारसी। होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने लोकसभा सदन में औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 का पुरजोर समर्थन किया। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने इस विधेयक को देश के औद्योगिक ढांचे और श्रमिक कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया।
श्रमिक हितों को मिलेगी नई मजबूती
सांसद चौधरी ने कहा कि यह संशोधन केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों श्रमिकों के हितों की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने का माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार श्रमिकों को केवल मजदूर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का भागीदार मानती है।
विधेयक की मुख्य विशेषताएं और प्रभाव
अपने संबोधन के दौरान सांसद ने विधेयक के सकारात्मक पहलुओं को विस्तार से रखा। ट्रेड यूनियनों के पंजीयन और उन्हें मान्यता देने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी। श्रमिकों की शिकायतों के निवारण के लिए एक प्रभावी और समयबद्ध प्रणाली विकसित की गई है। औद्योगिक विवादों को सुलझाने के लिए टकराव के बजाय संवाद और आपसी समन्वय के रास्ते को प्राथमिकता दी गई है। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की स्थिरता को केंद्र में रखकर प्रावधान तैयार किए गए हैं।
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
दर्शन सिंह चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस संशोधन से उद्योगों में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनेगा, जिससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और देश आर्थिक रूप से अधिक समृद्ध होगा। उन्होंने अंत में कहा, यह विधेयक आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने के साथ-साथ श्रमिकों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।









