पंकज पटेरिया :
खाने पीने के शानदार जायके और अपनी तहजीब की मिठास लिए मशहूर शहर और अपने प्यारे शहर इंदौर के उजले चेहरे पर एक निजी कालेज की प्राचार्य की दर्दनाक मौत कालिख लगा गई। मौत का यह बहशियाना खेल उस अभागी प्राचार्य के साथ, उसी कालेज एक दरिंदे छात्र ने खेला।
खबर मुताबिक बीएम कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर विमुक्ता शर्मा को उसी कॉलेज के एक दरिंदे छात्र ने पेट्रोल डाल आग लगाकर जला दिया था। जीवन बचाने के लिए प्राचार्य तड़पती, भागती रही। किसी तरह उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 6 दिन जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती अंतत हार गई और उनकी करुण मृत्यु हो गई।
मानवीय मूल्यों का पक्षकार और भावना का धनी इंदौर निवासी उनके जीवन के लिए प्रार्थना अरदास करता रहा लेकिन भरसक कोशिशों के बाद भी डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके। नगर गहन शोक में डूब गया। बल्कि पूरा प्रदेश इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध रह गया। बेटी देवांशी और पिता मनोज शर्मा ने सिसकते हुए डॉ विमुक्ता शर्मा को अंतिम विदाई दी। आक्रोश से भरी महिलाए आरोपित आशुतोष श्रीवास्तव को जिंदा जलाने की चीख चीख कर मांग करती रही। हालाकि आरोपी जेल भेज दिया गया है। लेकिन हृदय विदारक यह घटना हमारी व्यवस्था, शासन, प्रशासन और समाज के सामने कई सुलगते सवाल खड़े कर गई।अब हमे मुंह छिपाते शुतुरमुर्ग बने नहीं रहकर इनके जवाब देना है। इस सिरे से उस सिरे तक सब शरीके जुर्म है वरना आने वाली सुबह हमें कभी माफ नहीं करेगी। इस तरह कोई पागल बाज फैलाता रहेगा दहशत तो कहाँ सलामत रहे पाएंगे गुम्बद के कबूतर।
नर्मदे हर।

पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार
साहित्यकार
9340244352, 9407505651








