इटारसी। भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति को जन-जन तक पहुचाने वाले संगठन स्पीक मैके, इटारसी चैप्टर द्वारा आयोजित छह दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का समापन पीएम श्री हायर सेकेंडरी स्कूल जमानी में भावपूर्ण प्रस्तुतियों के साथ हुआ। यह कार्यशाला 24 नवंबर से अनवरत चल रही थी।
इस अवसर पर, समाजसेवी और जैविक खेती के प्रेरक हेमंत दुबे, जमानी ने मां सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण कर समापन कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
नृत्यांगना अभिसिक्ता मुखोपाध्याय की प्रस्तुति
प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना अभिसिक्ता मुखोपाध्याय ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत एक हृदयस्पर्शी कृष्ण वंदना से की। बाल-कृष्ण के नटखट चरित्र और यशोदा मैया संग उनके मधुर, स्नेहमय संबंध को दर्शाने वाली इस ठुमरी में मां के वात्सल्य का चित्रण इतना गरिमामय और सजीव था कि दृश्य जीवंत हो उठा। मुखोपाध्याय ने इसके बाद कथक के तकनीकी पक्ष को दर्शाया। उन्होंने उपज, ठाठ, आमद, परन-आमद, तुकड़ा, गिनती तिहाई, परन और चक्करदार की एक सशक्त श्रृंखला प्रस्तुत की। 14 मात्राओं की जटिल ताल दहमार पर उनकी लय-समझ, नियंत्रित गति और साफ-सुथरी पेशकश ने उनके गहन अभ्यास और शास्त्रीय साधना की झलक दिखाई। समापन प्रस्तुति के रूप में उन्होंने भावपूर्ण अभिनय संख्या रोको न डगर मोरी श्याम प्रस्तुत की, जिसमें कान्हा की चुलबुली शरारतें—गोपियों की चुनरी खींचना, नथ छेडऩा, बाल खींचना और मटकियां तोडऩा—मनोरंजक और जीवंत अभिनय से सजीव हो उठीं। कार्यक्रम का यह नटखट और प्रभावी समापन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया, विशेष रूप से आदिवासी बच्चे झूमकर नाचे।
कार्यशाला का तीन स्थानों पर समापन
समन्वयक सुनील बाजपेई ने बताया कि कार्यशाला का समापन पीएम शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल जमानी के अलावा गुरुनानक पब्लिक स्कूल और शासकीय माध्यमिक कन्या विद्यालय पुरानी इटारसी में भी हुआ। उन्होंने कार्यशाला को सफल बनाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों में सहयोग की अपेक्षा की।









