इटारसी। खेतों में कांस का उग आना किसानों की चिंता का सबब बन गया है। पुराने समय से इसे वर्षा के बूढ़ी हो जाने, अर्थात अत्यंत कम वर्षा के संकेत माना जाता रहा है। सफेद रंग की कांस अब खेतों के आसपास दिखायी देने लगी है।
खेतों में इस समय कांस दिखाई देने लगी है। सफेद रंग की यह कांस जगह-जगह देखी जा सकती है। जानकार किसानों के अनुसार भले ही इस वर्ष मानसून तीन दिन पूर्व आ गया हो, लेकिन बारिश पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम हुई है। सावन के प्रारंभ से मध्य तक बारिश का दौर संतोषजनक माना जा सकता है, लेकिन भादों की शुरुआत जितनी जोरदार होनी चाहिए थी, नहीं हुई। इस वर्ष बारिश काफी कम हुई है, उस पर खेतों में दिखाई दे रही कांस जरूर चिंता पैदा कर रही है कि क्या बारिश अगले कुछ दिनों में नहीं होगी। यदि आगे भी बारिश नहीं हुई तो दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। अभी भी खेतों को अच्छी बारिश की जरूरत है।
इस संबंध में उन्नत कृषक हेमंत दुबे बताते हैं कि कांस का फूलना मतलब बारिश की विदाई निश्चित है। हालांकि अभी रुक-रुककर भादौ मास में बारिश होती रहेगी तो फसल अच्छी होने की उम्मीद की जा सकती है। इस वर्ष बड़े रकबे में धान की बोवनी हुई है और करीब एक माह और बारिष अच्छी हो गयी तो फसल भी अच्छी होने की उम्मीद है। यदि थोड़ा-थोड़ा पानी भी गिरता रहा तो काम चल सकता है, अन्यथा किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
खेतों के आसपास उगी कांस बढ़ा रही किसानों की चिंता

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