- ‘गीत गाता हूं मैं’ कार्यक्रम में निनाद सिंगर्स की शानदार प्रस्तुति
- विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी की इस कार्यक्रम की सराहना
इटारसी। संगीत संस्था ‘निनाद सिंगर्स’ द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी महान गायक किशोर कुमार को समर्पित कार्यक्रम ‘गीत गाता हूं मैं -ए ट्रिब्यूट टू किशोर कुमार’ का भव्य आयोजन ऑडिटोरियम में किया गया। देर रात तक चले इस संगीतमय कार्यक्रम में निनाद सिंगर्स के कलाकारों ने किशोर दा के एक से बढक़र एक गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में निनाद सिंगर्स के संरक्षक और मुख्य अतिथि विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्राह्मण समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष पं. जितेंद्र ओझा, नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल चौरे, डॉ. नीरज जैन, नगर पालिका उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत, शैलेंद्र दुबे, रोटरी अध्यक्ष दीपक जैन और मनोहर तिवारी भी मौजूद रहे।
गीतों का शुरू हुआ कारवां
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि डॉ. सीतासरन शर्मा, विशिष्ट अतिथि जितेंद्र ओझा, पंकज चौरे, राहुल चौरे, आलोक गिरोटिया और निनाद सिंगर्स ने मिलकर किशोर दा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात, गीतों का मनमोहक कारवां शुरू हुआ। सबसे पहले, निनाद सिंगर्स के पूरे ग्रुप ने मिलकर सदाबहार गीत ‘जिंदगी एक सफर’ प्रस्तुत किया।
प्रमुख प्रस्तुतियां
सोलो और युगल प्रस्तुतियों में आलोक गिरोटिया, अमिताभ बैस, संजय दीवान, चंद्रेश मालवीय, अजय राज, अभिमन्यु बैस, शशांक बैसाखिया, विशाल पांडेय, राधिका राणा और श्वेता पगारे ने अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। कलाकारों ने ‘यादों की बारात’, ‘मेरा जीवन कोरा कागज’, ‘मेरे दिल में आज’, ‘मेरी भीगी भीगी सी’, ‘रात कली एक ख्वाब’, ‘मेरे सामने वाली खिडक़ी’, ‘बाबू समझो इशारे’, ‘पर्बत के पीछे’, ‘वादा तेरा वादा’, ‘दिलवर मेरे कब तक मुझे’, ‘ओ माझी रे’, ‘माई नेम इज एंथोनी’, ‘गुम है किसी के प्यार’, और ‘ओ साथी रे’ जैसे 25 से अधिक लोकप्रिय नगमों की प्रस्तुति दी।
विधायक ने की प्रशंसा
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सीतासरन शर्मा ने निनाद सिंगर्स के आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, यह शहर का एक अनूठा और अनुकरणीय आयोजन है। निनाद सिंगर्स के कलाकारों ने जिस खूबसूरती से किशोर दा के गीतों को प्रस्तुत किया है, वह सराहनीय है। कार्यक्रम का संचालन अनुभवी सुनील बाजपेयी ने किया, जबकि संस्था के अध्यक्ष आलोक गिरोटिया ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। अंत में अमिताभ बैस ने सभी अतिथियों और श्रोताओं का आभार प्रदर्शन किया।








