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लड़कियों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए किया इस योजना का शुभारंभ

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मध्य प्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना (Ladli Laxmi Yojana news in hindi) का शुभारम्भ राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2007 को लड़कियों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए किया गया है। इस योजना के अंतर्गत राज्य की बालिकाओ को 1,18,000 रूपये की आर्थिक सहायता मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले आपको इस योजना के तहत आवेदन करना होगा।आप इस योजना के तहत आवेदन ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों तरीके से कर सकते है। ऑफलाइन आवेदन के लिए आप आंगनवाड़ी में ,लोक सेवा केंद्र जैसे महिला बाल विकास अधिकारी आदि से संपर्क कर सकते है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आप लाडली लक्ष्मी योजना 2021 की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर कर सकते है। इस योजना का लाभ राज्य की केवल गरीब परिवार की उन लड़कियों को प्रदान किया जायेगा जिनका जन्म 1 अप्रैल 2008 के बाद हुआ है। इस मध्य प्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना 2021 के तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली कुल धनराशि 118000 रूपये लाभार्थी बालिकाओ को किश्तों में प्रदान की जाएगी।

मध्य प्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना को जोड़ा जाएगा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार से

लाडली लक्ष्मी योजना को प्रदेश की बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए आरंभ किया गया था जिससे कि लिंगानुपात में सुधार आ सके। अब मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार से जोड़ा जाएगा। इस बात की घोषणा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने की है। जिसके लिए सरकार द्वारा योजना का नया स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत अब सभी पंजीकृत बालिकाओं को शिक्षा की निरंतरता के लिए कक्षावार ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। जिसके लिए एक पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। अब बालिका पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक ट्रेनिंग प्राप्त कर सकती है।

इसके अलावा पंजीकृत बालिका को व्यक्तिगत विकास के लिए एनसीसी, एनएसएस जैसी गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा। सरकार द्वारा पंजीकृत बालिका की 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बालिका की रुचि दक्षता एवं क्षमता को देखते हुए उच्च शिक्षा या तकनीकी व्यवसायिक शिक्षा के लिए मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।

मध्य प्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना निधि का गठन

राज्य सरकार द्वारा एक निधि का गठन किया जाएगा जो कि मध्य प्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना निधि के रूप में जानी जाएग। इस निधि में राज्य शासन द्वारा प्रत्येक हितग्राही के लिए पंजीयन के पश्चात जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 30000 की राशि जमा की जाएगी। इस राशि पर डाक घर की राष्ट्रीय बचत पत्र की ब्याज सहित परिकक्त राशि भी इस योजना के अंतर्गत शामिल की जाएगी। इसके अलावा यदि इस राशि की आवश्यकता पड़ती है तो निपटारा करने हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति की राशि दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में सचिव वित्त विभाग तथा संचालक संस्थागत वित्त सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा निधि की समीक्षा करने के लिए समिति सम्मेलन का संचालन किया जाएगा।

बालिकाओं को प्रदान किया जाएगा महत्वपूर्ण प्रशिक्षण

सरकार द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग एवं काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। बालिका को स्टार्टअप, लघु मध्यम उद्योग एवं निजी क्षेत्र रोजगार से जोड़ने के लिए भी सभी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण एवं कौशल विकसित किया जाएगा। मध्य प्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत बालिका को 12वीं कक्षा से आगे पढ़ाई करने पर 20000 की प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी। बालिका कि 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 100000 से लेकर शेष 80000 का भुगतान भी किया जाएगा। इसके अलावा इस योजना को स्वास्थ्य एवं पोषण से जोड़ने के लिए बालिका का टीकाकरण, एनीमिया आदि जैसी जांच की व्यवस्था भी की जाएगी। बालिका के पोषण आधार की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

• बालिका के माता-पिता को सुकन्या समृद्धि योजना जैसी बालिका कल्याण योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा बेहतर लिंग अनुपात सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय निकाय को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
• इस योजना के माध्यम से बालिकाओं को सकारात्मक वातावरण एवं निरंतर प्रोत्साहन प्राप्त होगा। इस योजना के अंतर्गत अब तक 3937000 बालिकाएं पंजीकृत है एवं 9150 रुपए लक्ष्मी निधि में जमा है। इसके अलावा 591203 स्कूली बालिकाओं को सरकार द्वारा 136 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।

मध्य प्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना का कार्यान्वयन

जिला स्तर पर –
इस योजना का कार्यान्वयन जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इस योजना की नोडल एजेंसी महिला बाल विकास विभाग। कारण वंश से संबंधित रिपोर्ट तैयार की जाएगी एवं योजना से संबंधित सभी मामलों का मूल्यांकन किया जाएगा। तैयार की गई रिपोर्ट को कलेक्टर के पास जमा करना होगा। रिपोर्ट की प्राप्ति होते ही रिपोर्ट की जांच की जाएगी। रिपोर्ट में कोई भी गलती होने की स्थिति में ठीक किया जाएगा। एवं योजना का लाभ लाभार्थी को प्रदान किया जाएगा।

संभाग स्तर पर –
महिला एवं बाल विकास विभाग के अध्यक्ष, जिला कार्यक्रम अधिकारी, संभागीय संयुक्त संचालक एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा समय-समय पर इस योजना से संबंधित जानकारी विभिन्न प्रकार के अभिलेखों के माध्यम से प्रदान की जाएगी। जिसका सत्यापन विभाग द्वारा किया जाएगा। यदि अभिलेखों में किसी भी प्रकार की कमी पाई जाती है तो इस स्थिति में सुधारात्मक कार्यवाही की जाएगी।

राज्य स्तर पर –
यदि इस योजना के कार्यान्वयन में कोई भी विलंब होता है तो उस विलम को दूर करने के लिए विभाग का प्रमुख राज्य सरकार को अपनी अनुशंसा भेजेगा। यदि राज्य स्तर पर इस योजना के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न होता है तो इस स्थिति में विभाग प्रमुख, महिला एवं बाल विकास विभाग का फैसला अंतिम माना जाएगा।

लाडली लक्ष्मी योजना 2021 का उद्देश्य
जैसे की आप लोग जानते है राज यमे बहुत से ऐसे परिवार है जो आर्थिक रूप से कमज़ोर होने के करना अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा नहीं दे पाते और न ही उनके विवाह के लिए पैसे इकट्ठा नहीं कर पाते । बहुत से लोग लड़का और लड़कियों में भेद भाव भी करते है ।इन सभी परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने लाडली लक्ष्मी योजना 2021 को शुरू किया है । इस योजना के तहत बेटी की पढाई और शादी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना । इस योजना के तहत मध्य प्रदेश के नागरिको की नकारात्मक सोच को बदलना और बालिकाओ के भविष्य को उज्जवल बनाना । इस पैसे का इस्तेमाल लड़की द्वारा उसकी उच्च शिक्षा अथवा विवाह के लिए किया जा सकता है। मध्य प्रदेश राज्य में महिलाओं और पुरुषों के लिंग अनुपात को कम करना और राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।

लाड़ली लक्ष्मी योजना में दी जाने वाली धनराशि की किश्ते
एक बार आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, दस्तावेज आंगनवाड़ी द्वारा सत्यापित किए जाते हैं। एक बार सत्यापित होने पर, समय-समय पर आवेदकों के खाते में किश्तों को जमा किया जाता है।
• पहली किश्त – इस योजना के तहत सबसे पहले लगातार 5 सालो तक 6 -6 हज़ार रूपये MP लाड़ली लक्ष्मी योजना की निधि में जमा किये जायेगे तथा कुल 30 ,000 रूपये जमा किये जायेगे।
• दूसरी किश्त – इसके बाद आप बेटी के कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 2000 रुपये की वित्तीय सहायता बैंक खाते में परिवार को प्रदान की जाएगी।
• तीसरी किश्त – बालिका कक्षा 9 में प्रवेश लेने पर 4000 रूपये की धनराशि वित्तीय सहायता के रूप में सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
• चौथी किश्त – जब लड़की कक्षा 11 में प्रवेश लेगी तो उसे 6000 रूपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
• पांचवी किश्त – फिर बालिका के कक्षा 12 में प्रवेश लेने पर 6000 रूपये इ पेमेंट के ज़रिये दिए जायेगे।
• छटवी किश्त – और जब बालिका 21 साल की पूरी हो जाएगी तब उसे 1 लाख रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

लाड़ली लक्ष्मी योजना 2021 के लाभ

• इस योजना का लाभ एमपी की गरीब वर्ग की बालिकाओ को प्रदान किया जायेगा ।
• इस योजना के तहत बालिका की शादी 18 वर्ष की आयु तक नहीं होना चाहिए केवल 21 साल की उम्र के बाद 1 लाख रुपये (एक लाख रुपए) को राज्य सरकार द्वारा बेटी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए जायेंगे।
• एमपी सरकार राज्य में इस लाडली लक्ष्मी योजना के माध्यम से शिक्षा के स्तर में सुधार करना चाहती है। कक्षा के अनुसार, इस योजना के तहत धन किश्तों में दिया जाता है। एक बार लड़की स्कूल छोड़ दे तो, उसे इस योजना के तहत लाभ मिलाना बंद हो जायेगा ।
• अगर एक परिवार में दूसरी संतान के रूप में एक साथ 2 बेटियों ने जनम लिया है तो वो MP लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ उठा सकती है ।
• अगर किसी परिवार ने संतान गोद ली है वो भी इस योजना में आवेदन कर सकते है |
• इस योजना का लाभ उठाने के लिए, जन्म के पहले वर्ष में लड़की-बच्चे को नामांकन करना अनिवार्य है।
• MP Ladli Laxmi Scheme 2021 के तहत, लड़की अपनी शादी या उच्च शिक्षा के लिए 1 लाख रुपये के अंतिम भुगतान का उपयोग कर सकती है। इस पैसे को दहेज़ के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

लाडली लक्ष्मी योजना मध्य प्रदेश 2021 की पात्रता

• आवेदिका के माता पिता आय कर डाटा नहीं होने चाहिए।
• आवेदक मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी होने चाहिए।
• आवेदिका 18 वर्ष तक अविवाहित होनी चाहिए।
• यदि आपके परिवार ने किसी अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो भी आप उसे प्रथम बालिका मानते हुए योजना का लाभ ले सकते हे पर आपके पास उस बालिका को गोद लेने का कोई प्रमाण होना चाहिए|

लाडली लक्ष्मी योजना मध्य प्रदेश 2021 के दस्तावेज़

आधार कार्ड
माता-पिता का पहचान पत्र
बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
बैंक खाते की जानकारी
पैन कार्ड नंबर
स्थाई निवासी प्रमाण पत्र
राशन कार्ड
पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
जाति प्रमाण पत्र
मोबाइल नंबर
गोद लेने का प्रमाण पत्र (यदि बालिका को गोद लिया है तो)

एमपी लाड़ली लक्ष्मी योजना 2021 महत्वपूर्ण बातें

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए पुत्री के जन्म के एक वर्ष के अंदर-अंदर इस योजना के लिए पंजीकरण करा सकते है।
दो जुड़वाँ बच्चियाँ भी (दोनों बालिकाएं अलग-अलग) इस योजना लाभ ले सकती है।
यदि बालिका को गोद लिया जाता है तो वह भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है, परन्तु इसके लिए आवेदक के पास बालिका के गोद से सम्बंधित पूरे दस्तावेज होने चाहिए।
इस योजना के अंतर्गत बालिका की विवाह की उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गयी वही तभी आखरी किस्त प्रदेश सरकार जारी करेगी। यदि
लड़की का विवाह 21 वर्ष से पूर्व कर दिया जाता है तो आखरी किस्त जारी नहीं की जाएगी।
अंतिम किस्त 1 लाख रूपये की होगी जिसका उपयोग कन्या के विवाह या शिक्षा के लिए उपयोग कर सकते है। यह धन राशि दहेज़ के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती।

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