श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर में चल रहा है पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं अभिषेक
इटारसी। देवों के देव महादेव के प्रिय महीने सावन (Swan) के अष्टम दिन पर श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर लक्कडग़ंज में भगवान शिव (Bhagwan Shiv) के पार्थिव स्वरूप का पूजन एवं रूद्राभिषेक किया गया।
एक माह तक चलने वाले पूजन एवं रूद्राभिषेक में मुख्य आचार्य अतुल कृष्ण मिश्र, आचार्य सत्येंद्र पांडे, आचार्य पीयूष पांडे द्वारा सभी भक्तों से पूजन एवं अभिषेक कराया जा रहा है। इस दौरान मुख्य आचार्य पं. अतुल कृष्ण मिश्र ने भक्तों को बताया कि सावन मास में भगवान शिव का व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर और कुंवारे लकड़ों को मनचाही वधु की प्राप्ति होती है। भगवान भोलेनाथ को 108 बिलपत्र पर राम नाम लिखकर चढ़ाने से कई बंधनों से मुक्ति मिल जाती है। सावन के महीने में शिव मंदिर में रामचरितमानस का पाठ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। विद्या में प्रगति के लिए अरण्यकांड का पाठ करना चाहिए। महामृत्युंजय का पाठ करने से रोगो से मुक्ति मिलती है। दूध से अभिषेक करने से पुत्र, गन्ने के रस से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। वहीं दही से अभिषेक करने पर पशु स्वस्थ रहते हैं। सावन मास में भगवान भोले 108 नामों का जाप करना चाहिए जिसके कारण सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
मुख्य आचार्य पं. विनोद दुबे ने कहा कि जीवन में आने वाले हर कंडक का समाधान भगवान भोलेनाथ करते हैं एवं वह भला करते समय गरीब और अमीर नहीं देखते । परंतु भोलेनाथ उन दुष्टों पर कड़ी नजर रखते है जो जीवन भर पाप करते है और वह उन्हें दंड देने में भी नहीं चूकते। रावण से बड़ा उदाहरण शिव भक्ति का दुनिया में नहीं मिल सकता। राम का द्रोही होने पर भगवान शिव के कारण ही रावण का विनाश हुआ। कलयुग में शिव मंदिरों में भगवान शिव की पूजा अपना एक अलग महत्व रखती है और देश के सभी श्रद्धालु अपने-अपने तरीके से भगवान शिव की आराधना करते है। यजमान के रूप में कमल यादव एवं प्रीति यादव उपस्थित थे। मुख्य आचार्य पं. अतुल कृष्ण मिश्र के साथ सत्येंद्र पांडेय, पीयूष पांडेय, आनंद दीक्षित एवं सुनील दुबे शिक्षक पार्थिव शिवलिंग पूजन में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।









