इटारसी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर समूचा जिला शिवमय हो गया है। एक ओर जहां सतपुड़ा की नैसर्गिक गुफाओं में स्थित तिलक सिंदूर में लाखों श्रद्धालुओं ने सिंदूर अभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं इटारसी शहर के ऐतिहासिक मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच जयकारों की गूंज और भंडारों की खुशबू ने उत्सव को अलौकिक बना दिया।
दर्शन और आस्था के मुख्य केंद्र


- तिलक सिंदूर : भस्मासुर की गुफाओं के बीच स्थित इस विश्व प्रसिद्ध शिवलिंग पर श्रद्धालुओं ने जल, दूध और सिंदूर अर्पित किया। दोपहर तक यहां 50 हजार से अधिक भक्त हाजिरी लगा चुके थे।
- पशुपतिनाथ मंदिर 12 बंगला : वर्ष 1673 से स्थापित इस ऐतिहासिक मंदिर में सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं।
- शांतिधाम खेड़ा व मुक्तिधाम तरौंदा रोड : शिवरात्रि पर यहां विशेष पूजन हुआ। खेड़ा शांतिधाम में 11 क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी का वितरण किया गया।
- अन्य मंदिर : इंदिरा नगर यार्ड, आवम नगर और बाजार क्षेत्र के शिव मंदिरों में युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक पूजा-अर्चना की।
मेले का आकर्षण और मनोरंजन
तिलक सिंदूर की पहाडिय़ों के नीचे तीन दिवसीय विशाल मेले का आयोजन किया गया है। यहां का नजारा किसी उत्सव से कम नहीं है।
- पारंपरिक बाजार : किसानी के पुराने यंत्र, घरेलू उपयोग की झाड़ू और सजावटी सामान की सैकड़ों दुकानें सजी हैं।
- मनोरंजन : बच्चों और युवाओं के लिए ऊंचे-ऊंचे झूले और खान-पान के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
- डिजिटल उत्साह : युवाओं ने मंदिर परिसर और प्राकृतिक गुफाओं में सेल्फी और रील बनाकर पल को यादगार बनाया।
भंडारों की धूम : फलाहारी प्रसादी का वितरण


पूरे जिले में जगह-जगह भंडारों का आयोजन कर सेवा की मिसाल पेश की गई।
इटारसी से तिलक सिंदूर मार्ग तक लगभग आधा सैकड़ा स्थानों पर फलाहारी भंडारे चल रहे हैं।
शहर के मुख्य चौराहों और मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं को साबूदाना खिचड़ी, फल और ठंडाई का वितरण किया गया।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस कप्तान और स्थानीय प्रशासन की टीमें मुस्तैद हैं।
- पुलिस बल : तिलक सिंदूर और शहर के मुख्य मंदिरों में 200 से अधिक जवान तैनात हैं। एसआई रजक और आरक्षक राज सहित पूरी टीम ने मोर्चा संभाला है।
- तकनीकी निगरानी : अस्थाई कंट्रोल रूम के जरिए सीसीटीवी कैमरों से संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
- स्वास्थ्य सेवा : मेला स्थल पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर है।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट : पार्किंग के अलग इंतजाम किए हैं, हालांकि भारी भीड़ के चलते कुछ स्थानों पर आंशिक जाम की स्थिति बनी।
अधिकारियों की पैनी नजर
मेले की कमान एसडीएम नीलेश शर्मा, तहसीलदार सुनीता साहनी और जनपद सीईओ सुमन खातरकर ने संभाल रखी है। सुरक्षा व्यवस्था का मार्गदर्शन एसडीओपी वीरेन्द्र मिश्रा और नेतृत्व केसला व इटारसी के थाना प्रभारी कर रहे हैं। वन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जंगल में प्लास्टिक न फेंकें और आग न जलाएं।
- 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दोपहर तक तिलक सिंदूर में किए दर्शन।
- 353 वर्ष पुराने ऐतिहासिक पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ी भारी भीड़।
- 11 क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी का वितरण हुआ खेड़ा मुक्तिधाम में।
- 16 फरवरी तक जारी रहेगा तिलक सिंदूर का तीन दिवसीय मेला।









