इटारसी। होली की तीज के पावन अवसर पर इटारसी तहसील के ग्राम रामपुर में अगाध श्रद्धा और सामाजिक समरसता का प्रतीक वीर बम्बो का ऐतिहासिक मेला संपन्न हुआ। लगभग एक शताब्दी (100 वर्ष) पुरानी इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए आसपास के सैकड़ों गांवों के लोग बड़ी संख्या में रामपुर पहुंचे।
आस्था की धुरी पर मचान का चमत्कार
इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता दो ऊंचे लकड़ी के खंभों पर मचान बनाकर लकड़ी की धुरी पर होने वाला चमत्कारिक प्रदर्शन है? परंपरा के अनुसार सर्वप्रथम भूरा (फल) को धुरी से बांधकर फिराया जाता है। इसके पश्चात, इस वर्ष पडिहार जसमन कहार को वीर बम्बो के रूप में उसी धुरी पर बांधकर फिराया गया। ग्रामीणों की अटूट मान्यता है कि बाबा उनके दुखों को हर लेते हैं और पूरे गांव को किसी भी प्रकार की व्याधि या दुख-तकलीफ से सुरक्षित रखते हैं।
औषधीय और आध्यात्मिक महत्व
मेले के दौरान फिराए जाने वाले भूरा फल का विशेष महत्व है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस फल का उपयोग मिर्गी के रोगियों और बीमार जानवरों के उपचार के लिए किया जाता है।
सामाजिक समरसता की सांझी विरासत
यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी जीवंत उदाहरण है। सरपंच श्रीमती रीना तिवारी ने बताया कि रामपुर पंचायत के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण इस आयोजन में उत्साहपूर्वक शामिल होते हैं। जनपद सदस्य आशुतोष शरण तिवारी के अनुसार, पूरी पंचायत और ग्रामवासी मिलकर इसकी तैयारी करते हैं, जो हमारी समृद्ध सांझी विरासत को प्रदर्शित करता है। शिक्षक केके कटारे ने कहा कि यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है, जिसका निर्वहन आज भी ग्रामीण पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।









