इटारसी। भीषण गर्मी की दस्तक से पहले ही इटारसी की सड़कें पानी की मांग को लेकर सुलग उठी हैं। शुक्रवार को नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ युवा कांग्रेस का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। जल संकट से बेहाल जनता की आवाज उठाते हुए कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका का घेराव किया। जब सीएमओ ऋतु मेहरा ज्ञापन लेने नहीं पहुँचीं, तो आक्रोशित युवाओं ने उनके ही कक्ष के गेट पर ज्ञापन चस्पा कर दिया और परिसर में मटके फोड़कर अपना विरोध जताया।
अधिकारी केबिन में मस्त, जनता पानी को त्रस्त!
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष मयूर जायसवाल ने प्रशासन पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा, यह विडंबना है कि आधा शहर प्यासा है और एसी केबिन में बैठे अधिकारी बिसलेरी का पानी पी रहे हैं। जनता ने नगर पालिका से लेकर केंद्र तक भाजपा को समर्थन दिया, लेकिन बदले में उन्हें केवल उपेक्षा मिल रही है। जायसवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो अगला कदम नगर पालिका में तालाबंदी होगा।
मैडम व्यस्त हैं, का जवाब अब बर्दाश्त नहीं
यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष सौम्य दुबे ने आरोप लगाया कि सीएमओ का रवैया जनप्रतिनिधियों और जनता के प्रति बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई समस्या लेकर जाता है, तो जवाब मिलता है कि मैडम व्यस्त हैं। जिला उपाध्यक्ष गौरव चौधरी ने पुरानी इटारसी की नवनिर्मित पानी की टंकी को तत्काल चालू करने की मांग उठाई, जो महीनों से शो-पीस बनी हुई है।

नपा को यूथ कांग्रेस का अल्टीमेटम
- डेड पंपों का हो जीर्णोद्धार : बंद पड़े सभी सरकारी पंपों को तुरंत सुधारा जाए।
- सूखा सरोवर टंकी : पुरानी इटारसी की नई टंकी से तुरंत जलापूर्ति शुरू हो।
- टैंकरों का सहारा : जिन वार्डों में पाइपलाइन नहीं है, वहां प्रशासन अपने खर्च पर टैंकर भेजे।
- बीमार कर रहा पानी: गंदी नालियों से गुजरी जर्जर पाइपलाइनों को तत्काल बदला जाए।
प्रदर्शन की बड़ी बातें
- मटका फोड़ विरोध : महिलाओं और युवाओं ने नपा परिसर में मटके फोड़कर संदेश दिया कि घड़ा अब भर चुका है।
- गेट पर ज्ञापन : अधिकारी की अनुपस्थिति को तानाशाही बताते हुए ज्ञापन को दरवाजे पर ही चिपका दिया गया।
- नेताओं की फौज : प्रदर्शन में पूर्व नपा अध्यक्ष नीलम गांधी, गोल्डी बैस, प्रतीक मालवीय, केलू उपाध्याय, गजानन तिवारी, अभिषेक साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।








