इटारसी। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय, सुखतवा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा बाल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत चौथे दिन बाल विवाह के परिपेक्ष्य में मेहंदी एवं टैटू प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य बाल विवाह जैसे सामाजिक अभिशाप के विरुद्ध जागरूकता फैलाना था।
प्रतियोगिता के परिणाम
इस जागरूकता प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विजेताओं में प्रथम स्थान महिमा, द्वितीय स्थान स्नेहा, तृतीय स्थान मनतशा का रहा। छात्राओं के साथ-साथ छात्रों के लिए भी टैटू प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
बाल विवाह आज के समय का अभिशाप
इस अवसर पर, महाविद्यालय की श्रीमती कामधेनु पटोदिया ने अपने उद्बोधन में बाल विवाह को ‘आज के समय में एक अभिशाप’ बताया। उन्होंने समाज से इस अपराध को रोकने के लिए निरंतर प्रयास करने और जागरूकता की अलख जगाने का आग्रह किया। प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने अपने संबोधन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि: शहरी क्षेत्रों में भी आजकल लोग बाल विवाह की प्रथा पर ज्यादा जोर दे रहे हैं, जो बड़ा ही शर्मनाक विषय है। इसे रोकने के लिए हमें कड़े से कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
हेल्पलाइन नंबर की जानकारी
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राधा आशीष पांडे ने बताया कि महाविद्यालय में बाल संरक्षण क्लब का गठन किया गया है, जिसके सदस्यों को ऐसे अपराधों को रोकने का प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों से अपील की कि यदि किसी के सामने बाल विवाह या बाल संरक्षण से जुड़ी कोई घटना घटती है, तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 एवं 1098 पर सूचित कर अपराधों को रोकने में मदद करनी चाहिए। इस आयोजन के दौरान श्रीमती संध्या उपाध्याय, डॉ. प्रवीण कुशवाहा एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।








